लखनऊ(हि.स.)। केन्द्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को जिस लखनऊ से कानपुर एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया हैं, इसके बन जाने के बाद रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, श्रमिकों, कामगारों, व्यापारियों का बहुत ज्यादा समय बचेगा।
दो वर्ष पूर्व में लखनऊ से कानपुर के बीच एक्सप्रेस-वे की योजना बनी थी और तभी लखनऊ के सांसद और देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे काफी सराहा था। इस योजना को अमली-जामा पहनाने में दो वर्ष का समय बीता और अंतत: इसके निर्माण हेतु शिलान्यास कर दिया गया।
नवीन एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करते हुए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जिस प्रकार मुंबई से पुणे के बीच एक्सप्रेस वे बनने से लोगों का समय बच रहा है, उसी तरह से लखनऊ और कानपुर के बीच दूरी घटाने एवं समय बचाने में ये एक्सप्रेस वे कारगर सिद्ध होगा।
लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों से कानपुर में रोजाना हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। इसमें ज्यादातर संख्या मजदूरों और श्रमिकों की होती है, जो कानपुर की फैक्टरियों में काम करते हैं। कानपुर में छोटे कारखानों में भी हजारों नौजवान रोजाना ही नौकरी करने जाते हैं। इसी तरह उच्च न्यायालय के कार्य, प्रशासनिक कार्य और राजनीतिक कार्यों से बड़ी संख्या में कानपुर से लखनऊ आने वालों की भी संख्या है।
वाणिज्यिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान भी लखनऊ से कानपुर एक्सप्रेस वे अपनी ओर खींचने वाला है। रोजगार की योजनाओं के लिए, नये कल-कारखाने लगाने के लिए, पुराने कारखानों का विस्तार करने के लिए होड़ मच जायेगी।
ये सिक्स लेन लखनऊ से कानपुर एक्सप्रेस वे 63 किलोमीटर का होगा। इसकी लागत 42 सौ करोड़ है और इसे दिसम्बर 2023 तक बनकर तैयार होना है।
शरद
