लखनऊ (हि.स.)। समाजवादी पार्टी से जुड़े लोक गायकों, संगीत कलाकारों ने शनिवार को कलाकार घेरा बनाकर महंगाई, रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी प्रस्तुतियां दी। प्रदेश में जगह जगह पर कलाकार घेरा में शामिल हुए कलाकारों ने झूमकर लोकगीतों को गाया। ‘कलाकार घेरा’ कार्यक्रम का उद्देश्य सत्ता दल द्वारा कलाओं के राजनीतिकरण के खिलाफ आवाज उठाना है।
प्रदेश में फिरोजाबाद, कानपुर देहात, जौनपुर, महाराजगंज, आजमगढ़, वाराणसी, प्रतापगढ़, श्रावस्ती, बाराबंकी जैसे प्रमुख जनपदों में समाजवादी पार्टी की जिला इकाईयों के माध्यम से कलाकार घेरा कार्यक्रम हुआ। इटावा जनपद में स्थानीय कलाकारों में स्वयं ही घेरा बनाया और झूमकर गीतों की प्रस्तुति की।
समाजवादी कलाकारों ने देवरिया जिले में भव्य कार्यक्रम किया और सलेमपुर के भीतर कलाकारों ने अखिलेश यादव के सरकार में हुए विकास के मुकाबले वर्तमान प्रदेश सरकार के विकास को पीछे बताया। लोक गीतों के माध्यम से कलाकारों ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया और लोगों तक अपनी बात पहुंचायी।
दरअसल पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर अपनी-अपनी कला की रक्षा के लिए अभिनय, व्यंग, लेखन, नृत्य, गीत-संगीत, टी.वी., फिल्म, रंगकर्म एवं अन्य कलाओं के कलाकार एकजुट होकर अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए अपने तरीके से विरोध प्रकट किया। अखिलेश यादव ने कलाकारों से अपील की है कि वे आगे आएं, विविध कलाओं से जुड़े अपने मुद्दों को लेकर इस कार्यक्रम से जुड़े और संकीर्ण सोच वाली सत्ता से हटाना सुनिश्चित होना चाहिए।
