-सियासी गलियारे में निमंत्रण कार्ड बना खासा चर्चा का विषय
-अपने आका को खुश करने के लिए चाटुकारिता की पराकाष्ठा- डॉ सूर्यभान यादव
जौनपुर (हि.स.)। सिराज-ए-हिंद के नाम से जाना जाने वाला शहर जौनपुर यूं तो हमेशा किसी न किसी कारण से सुर्खियों में बना रहता है। कभी जिले के माधोपट्टी गांव में एक ही गांव में 45 आईएएस-पीसीएस अफसरों के लिए जाना जाता है तो कभी पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा देश-प्रदेश में विभिन्न कार्यों के लिए सम्मानित किए जाने से सुर्खियों में रहता है। इस बार समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता द्वारा अपनी बेटी की शादी के कार्ड पर सपा के 5 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां छपवाना खासा सुर्खियों में बना हुआ है।
एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी का कार्ड ही समाजवादी पार्टी को समर्पित कर दिया है। कार्ड में शादी के विवरण के साथ ही सपा सरकार की उपलब्धियों को भी तस्वीर के साथ स्थान दिया है। सोशल मीडिया में यह कार्ड वायरल हो रहा है। शादी एक दिसम्बर को है और कार्ड बांटना शुरू हो गया है। जिले के महराजगंज विकासखंड के मीरापुर केवल निवासी अशोक कुमार यादव की बेटी की शादी होनी है। अशोक कुमार ने शादी के कार्ड पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव की फोटो के साथ पूर्व विधायक बदलापुर ओमप्रकाश दुबे और सपा नेता व पूर्व प्रधान रामजतन यादव की तस्वीर भी छपवाई है। कार्ड पर काम बोलता है टैग लाइन से सपा की उपलब्धियां भी फोटो सहित छपी हैं।
शादी के कार्ड पर समाजवादी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में कराए गए विभिन्न योजनाओं कार्यों जैसे जनेश्वर पार्क, मेदांता हॉस्पिटल, हाईकोर्ट बिल्डिंग, डायल 100 पुलिस वाहन, गोमती रिवर फ्रंट, आईटी विश्वविद्यालय, आगरा एक्सप्रेस-वे, बस अड्डे, स्टेडियम की तस्वीर छपाई है। जिले के सपाई इस कार्ड से गदगद हैं। कार्ड को अपने कर्मठ कार्यकर्ता की पहचान बता रहे हैं। अशोक कुमार यादव के बेटे करुणेश यादव ने बताया कि वह सपा के कार्यकर्ता हैं। इसलिए ऐसा कार्ड तैयार करवाया है।
इस संदर्भ में भाजपा गठबंधन में शामिल निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ सूर्यभान यादव ने हिन्दुस्थान समाचार प्रतिनिधि से बात करते हुए सोमवार को कहा कि मांगलिक कार्यक्रमों के निमंत्रण का राजनीतिकरण बिल्कुल गलत है। जरूरी नहीं है कि सपा नेता अशोक कुमार यादव के सभी सगे-संबंधी, ईष्टमित्र और उनके जानने वाले सपा विचारधारा के ही हों। इस प्रकार का कृत्य घोर निन्दनीय है और यह कार्य अपने आका को खुश करने के लिए चाटुकारिता की पराकाष्ठा है।
