दलित मतदाताओं में है अच्छी पैठ, सपा का बिगड़ सकता हैं खेल
कानपुर (हि.स.)। विधान सभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन उम्मीदवारों ने नामांकन कराया। इन्ही में एक रामलखन गौतम रहे जो समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं और उनकी पत्नी मीना गौतम सपा से जिला पंचायत सदस्य भी है। लेकिन उन्होंने बिल्हौर सीट से निर्दलीय नामांकन करा दिया। उसके निर्दलीय नामांकन कराने से बिल्हौर सीट पर सपा का खेल बिगड़ सकता है। ऐसा राजनीतिक पंडितों का मानना है।
सुरक्षित 209 बिल्हौर विधानसभा में नामांकन के अंतिम दिन वर्तमान में ककवन जिला पंचायत सदस्य मीना गौतम के पति राम लखन गौतम ने अपना भी पर्चा कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल किया है। राम लखन गौतम 2012 में कांग्रेस की टिकट पर बिल्हौर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं। इसके बाद से वह बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी से टिकट मांगते रहे हैं, लेकिन उनको टिकट न मिलने से उनके समर्थक मायूस थे जिनका मान बढ़ाते हुए राम लखन गौतम ने मंगलवार को अपना निर्दलीय नामांकन बिल्हौर विधानसभा से किया है। सोमवार को भी राम लखन गौतम को नामांकन पत्र खरीदते हुए कलेक्ट्रेट में देखा गया था, तब मौके पर समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी होने से वह नामांकन की हिम्मत नहीं जुटा सके थे।
मूल रूप से कपड़ा कारोबारी और दिल्ली में कई फैक्ट्रियों के मालिक राम लखन गौतम का गौतम यानी दलित मतदाताओं में अच्छी पैठ मानी जा रही है। निर्दलीय चुनाव लड़ने से राजनीति पर समझ रखने वाले सुंधाशु सिंह का कहना है कि रामलखन के चुनाव लड़ने से सीधा नुकसान सपा को होगा। हालांकि वहीं कुछ राजनीतिक पंडित यह भी कह रहे हैं कि चुनाव तो जीतेंगे नहीं यह जरुर है कि इन्हे वोट कटवा कहा जाएगा।
राम लखन गौतम की पत्नी समाजवादी पार्टी की टिकट पर ककवन से वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं। वह मूल रूप से वछना गांव के निवासी हैं। इससे पहले वह कसिगवां से भी जिला पंचायत रह चुकी हैं।
अजय/मोहित
