-उप्र में एसडीजी के सम्बन्ध में नीति आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने बुधवार को यहां कहा कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है।
प्रदेश में सतत विकास लक्ष्य के सम्बन्ध में नीति आयोग, केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज राजधानी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नीति आयोग के डिस्टिंग्विश फेलो अरविन्द मेहता, प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव नियोजन सुरेश चन्द्रा, अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चैहान, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, महानिदेशक डीएमईओ नीति आयोग डॉ. सेखर बोनू सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्य के आधार पर पूरी दुनिया में निर्धारण होता है कि हम लोग कहां पर स्टैण्ड करते हैं, हमें कहां जाना है और इसके बीच में जो गैप है, उस गैप को हम लोग कैसे फिलअप करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें प्रयास करना चाहिये कि सबसे पहले नेशनल लेवल पर पहुंचे और फिर इंडिया के टाप-5 में पहुंचें और फिर उसके बाद हम इसे वर्ल्ड लेवल पर ले जायें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले पांच सालों में बहुत प्रोग्रेस की है। एसडीजी इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुत काम हुआ है।
मुख्य सचिव ने कहा कि एसडीजी केवल नियोजन विभाग का कार्य नहीं है, इसमें सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने की जरूरत है। सभी विभागों को पता होना चाहिये कि उन्हें करना क्या है। एसडीजी में सबसे महत्वपूर्ण रोल डाटा कलेक्शन का है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हो सकता है कि आपने कार्य किया हो, लेकिन उस कार्य को कैप्चर न कर पाने के कारण उसे प्रजेन्ट नहीं कर पा रहे हैं। यदि डाटा कैप्चर करने में असुविधा हो रही है, तो सही डाटा कैप्चर करने के लिए एक मैकेनिजम बनाया जाये। एसडीजी के लक्ष्य को सभी विभागों के मध्य विभाजित किया जाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि एसडीजी में उत्तर प्रदेश अच्छा कार्य एवं प्रगति करेगा, तो देश आगे जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि इम्पलीमेंटेशन पर फोकस किया जाता है, तो चीजें संभव हैं। दुनिया में चीजें बदल रहीं है। हमारे देश में तो बदलने का महौल भी है। ऐसे में आवश्यकता है दृढ़ इच्छा शक्ति की। मिश्र ने कहा कि वह स्वयं एसडीजी की अलग से समीक्षा करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसडीजी लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी सम्बन्धित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
पीएन द्विवेदी/ पवन
