Wednesday, April 1, 2026
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संतराम की 26 वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में सगे भाई समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा

– दोषियों पर लगाया गया 1.93 लाख रुपये का अर्थदंड

– वर्ष 1996 में संतराम की हुई थी हत्या, परिवार के अन्य लोगों पर हुआ जानलेवा हमला

सुलतानपुर (हि.स.)। जनपद में आज से करीब 26 साल पहले पुरानी रंजिश में हुई दलित संतराम की हत्या एवं अन्य पर जानलेवा हमले के मामले में स्पेशल जज एससी-एसटी (पी.ए.) नवनीत कुमार गिरि की अदालत ने दो सगे भाई समेत तीन आरोपियों को हत्या सहित अन्य आरोपों में शुक्रवार को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 1.93 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।

यह पूरा मामला जनपद अमेठी के पीपरपुर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर बड़ा गांव से जुड़ा है, यहां के रहने वाले अभियोगी दलित मोहन ने सात अगस्त 1996 की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक गांव के ही नंगू उर्फ सुरेश बेड़िया के परिवार से उसके परिवार की पुरानी रंजिश चल रही थी।

इसी वजह घटना की रात करीब साढ़े 11 बजे के दरमियान आरोपित नंगू उर्फ सुरेश बेड़िया, रामसेवक कहार, मगरू कहार, राजेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह व कल्लू उर्फ भीम बहादुर सिंह एकराय होकर लाठी, कट्टा व फरसा आदि ने जान से मार डालने की नीयत से हमला कर दिया। इसमें उसकी लड़की वचना एवं बेटे संतराम को गंभीर चोट आई। इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में संतराम ने दम तोड़ दिया। इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।

मामले का विचारण स्पेशल जज एससी-एसटी (पी.ए.) की अदालत में चला। विचारण के दौरान आरोपी मगरू कहार और सुरेश उर्फ नंगू बेड़िया की मौत हो चुकी है। वहीं, आरोपी मुन्ना सिंह के नाबालिग होने की वजह से उसका मामला अलग कर दिया गया है,जिसका ट्रायल अभी लम्बित है। शेष तीनों अभियुक्त राजेंद्र सिंह, उसके भाई कल्लू सिंह उर्फ भीम बहादुर एवं रामसेवक के खिलाफ चल रहा विचारण पूर्ण हुआ। इस दौरान बचाव पक्ष ने अपने साक्ष्यों एवं तर्कों को प्रस्तुत किया।

अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यो एवं तर्काें को प्रस्तुत कर आरोपितों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें दोषी ठहराकर कड़ी सजा से दण्डित किये जाने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात स्पेशल जज नवनीत कुमार गिरी ने तमाम साक्ष्यों और गवाहों के मद्देनजर आरोपित राजेंद्र सिंह,कल्लू उर्फ भीम बहादुर व रामसेवक को हत्या व हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर कुल 1.93 लाख रुपये अर्थदंड लगाया है।

दयाशंकर

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