-भारत माता की नियमित पूजा करने के लिए स्वयंसेवकों प्रतिदिन जाएं शाखा : डॉ भागवत
-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने काशी की पहली संघ शाखा धनधानेश्वर में स्वयंसेवकों से किया संवाद
वाराणसी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहनराव भागवत ने स्वयंसेवकों से कहा कि संघ स्थान पर हिन्दुस्थान खड़ा होता दिखाई दे, इसके लिए प्रतिदिन शाखा जाना आवश्यक है।
यह बातें वह काशी प्रवास के दौरान ब्रह्माघाट स्थित धन-धानेश्वर शाखा पर स्वयंसेवकों के बीच कही। वह काशी की पहली संघ शाखा पर पहुंचे थे। संघ प्रमुख डॉ भागवत ध्वज प्रणाम के बाद बाल और युवा स्वयंसेवकों से सीधे रूबरू हुए। लगभग आधे घंटे के ठहराव में संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों का परिचय पूछा और नियमित शाखा में आने के लिए उन्हें खास तौर पर प्रेरित किया।
इस दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों से संवाद करते हुए कहा कि संघ स्थान पर हिन्दुस्थान खड़ा होता दिखाई दे, इसके लिए प्रतिदिन शाखा आना आवश्यक है। उन्होंने स्वयंसेवकों को शाखा का महत्व समझाते हुए कहा कि शाखा में आदत और मजबूरी से नहीं भाव से आना है। उन्होंने कहा कि बाहरी दुनिया के चकाचौंध से हम अंदर का तत्व भूल जाते हैं। शाखा में आने से हम आत्मा और भारत के मूल तत्व से जुड़ते हैं।
भाव और श्रद्धाभाव से नियमित भारत माता की पूजा करनी चाहिए
उन्होंने कहा कि जैसे भगवान की पूजा करते हैं,उसी भाव और श्रद्धाभाव से भारत माता की नियमित पूजा करनी चाहिए। इससे सुंदर भारत खड़ा होगा और विश्वगुरू भी बनेगा। उन्होंने प्रचारकों को संदेश देते हुए कहा कि शाखाओं को अन्य शाखाओं का जन्मदाता होना चाहिए। काशी की पहली शाखा में आने पर आह्लादित संघ प्रमुख ने कहा कि नागपुर की पहली शाखा से यहां आकर अच्छा लगा। संघ प्रमुख को अपने बीच पाकर भावविभोर स्वयंसेवकों से संघ प्रमुख ने यहां दोबारा आने की बात भी कही।
ब्रह्माघाट स्थित धन धानेश्वर मंदिर परिसर में आरएसएस के संस्थापक डा. केशव बलिराम हेडगेवार वर्ष 1931 में 11 मार्च को आए थे। उन्होंने 13 मार्च को यहां पहली शाखा लगाई थी। तब शाखा व पथ संचलन में ज्यादातर प्रौढ़ लोगों ने शिरकत की थी। उस दौरान डा. हेडगेवार काशी में लगभग 22 दिन रहे। काशी प्रवास के दौरान वह रोज शाखा लगवाते थे। इसके अलावा संघ को मजबूत बनाने के लिए जितना संभव होता उतने ज्यादा लोगों से मुलाकात करते। उन्होंने यहां लोगों को जोड़ने के बाद तन-मन-धन से संघ का काम करने के लिए प्रचारक तैयार किया और सबसे शाखा लगवाने के लिए प्रतिज्ञा भी करवाई थी। इस दौरान ही काशी के प्रथम संघचालक की जिम्मेदारी बाबा साहेब दामले को दी गई। हालांकि धन-धानेश्वर मंदिर में लगने वाली शाखा कुछ समय बाद ब्रह्माघाट मोहल्ले में स्थानांतरित हो गई।
-विश्व मांगल्य सभा में शामिल हुए
काशी की पहली संघ शाखा में शामिल होने के बाद आरएसएस प्रमुख दुर्गाघाट स्थित नाना फड़नवीस के बाड़ा में विश्व मांगल्य सभा के पदाधिकारियों से मिले। उनके विभिन्न विषयों पर चर्चा की। संघ प्रमुख ने भगवान बिंदू माधव मंदिर में भी दर्शन पूजन किया और इसके महिमा के बारे में जानकारी ली। इसके पहले उन्होंने काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। इस दौरान क्षेत्र प्रचारक अनिल, क्षेत्र कार्यवाह वीरेन्द्र जायसवाल, काशी प्रांत प्रचारक रमेश,सह प्रांत प्रचारक मुनीश कुमार,सह प्रांत कार्यवाह डॉ राकेश तिवारी,प्रचारक जयंती लाल आदि भी मौजूद रहे।
श्रीधर/राजेश
