-गंगा जी ने रात के करीब 11 बजे लेटे हनुमान जी के पांव पखारे
प्रयागराज (हि.स.)। संगमनगरी स्थित लेटे हनुमानजी को बीती रात लगभग 11 बजे के दरमियान मां गंगा के जल ने नगर देवता को अपनी लहरों से जलाभिषेक कर उनके पांव पखारे। इस शुभ अवसर पर मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
गुरुवार की देर रात मां गंगा का जल बंधवा स्थित लेटे हनुमान मंदिर पहुंच गया। जहां अखाड़ा परिषद् के महंत बलबीर गिरी सहित मंदिर के आचार्य ने दूध, फल और मिष्ठान से मां गंगा की विशेष पूजा की। इसके बाद आरती उतारी गई।
मान्यता के अनुसार आरती के तत्काल बाद मां गंगा हनुमान जी को स्नान कराने मंदिर में पहुंचीं। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंच कर पूजन अर्चन किया। मां गंगा द्वारा जलाभिषेक के साथ ही लेटे हनुमानजी के मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। जहां एक ओर बाढ़ के नाम से ही लोग भयभीत हो जाते हैं, वहीं प्रयागराज के लोग हर साल यही कामना करते है कि मां गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो और मां गंगा हनुमान जी का जलाभिषेक करें।
रात्रि आठ बजे तक फाफामऊ में गंगा सात सेमी. प्रति घंटा, छतनाग में गंगा छह सेमी. प्रति घंटा एवं नैनी में यमुना 4.10 सेमी. प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। जबकि फाफामऊ में जलस्तर 81.56 मीटर, छतनाग में 80.81 मीटर एवं नैनी में 81.47 मीटर पर रहा। बाढ़ के खतरे का निशान 84.73 मीटर पर है।
ऐसी मान्यता है कि जिस वर्ष मां गंगा हनुमान लला का जलाभिषेक करती हैं, उस वर्ष प्रयागराज और उसके आसपास सुख समृद्धि बढ़ती है और लोगाें को किसी तरह का कष्ट नहीं उठाना पड़ता।
विद्या कान्त
