पत्नी ने ससुर और देवरों के खिलाफ लिखाया था अपहरण कर हत्या का मुकदमा
जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पुलिस ने एक षड्यंत्र के तहत अपने पति की हत्या की झूठी सूचना देकर अपने ससुर व देवरों को फँसाने के प्रकरण का खुलासा करते हुए षड़यंत्र में शामिल पति को गुजरात से जिंदा बरामद करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया तथा षड्यंत्रकारी पति_पत्नी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अदालत को रिपोर्ट सौंपा।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने रविवार को बताया कि कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बेसिया चैन निवासी गुड़िया देवी ने जमीनी विवाद के कारण अपने ससुर और देवरों को फर्जी मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ अपने पति राम करन का अपहरण कर हत्या करके शव गायब कर दिए जाने के संबंध में स्थानीय थाने पर भादवि की धारा 323, 504, 506, 452, 364, 302 के तहत अभियोग दर्ज कराया था। विवेचक ने सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के उपरांत महिला के पति को जीवित अवस्था में कस्बा मुन्द्रा थाना मरीन जनपद कच्छ (गुजरात) से बरामद करते हुए आज न्यायालय के समक्ष पेश किया। साथ ही वादी मुकदमा गुड़िया देवी व उसके पति राम करन के विरुद्ध कार्यवाही हेतु धारा 194/182 सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
एसपी के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसके पति राम करन का पिता ननके व भाईयों श्यामलाल, आज्ञाराम और अर्जुन से विवाद चल रहा था। उसके परिजनों द्वारा उन्हें रहने के लिये मकान व खेती बारी में हिस्सा नहीं दिया गया था। इसी बात को लेकर उनका परिजनों से झगड़ा होता रहता था। इससे व्यथित होकर एक साजिश के तहत राम करन चुपके से गुजरात चला गया और एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करने लगा। दूसरी तरफ षड्यंत्र के तहत गुड़िया देवी ने न्यायालय को भ्रमित कर सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश पारित करवा लिया था।
एसपी ने बताया कि बरामदगी टीम में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार, अतिरिक्त निरीक्षक शिवानन्द प्रसाद, दारोगा नागेश्वर पटेल, प्रभारी साइबर/सर्विलांस सेल शादाब आलम, मुख्य आरक्षी शैलेन्द्र कुमार, आरक्षी गण भारत चौहान, हरिओम टण्डन, मनीष कुशवाहा, प्रवीण पाण्डेय, राजेन्द्र कुमार आदि शामिल रहे।
