Wednesday, January 14, 2026
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श्री दुःखहरण नाथ मंदिर के महंत मयंक गिरि ने कहा, “शिक्षा ही समाज की सच्ची पूंजी है,

रोहित कुमार गुप्ता उतरौला (बलरामपुर)
उतरौला नगर में जय बाबा श्री दुःखहरण नाथ सेवा समिति के तत्वावधान में नगर के अभिभावक विहीन विद्यार्थियों को शिक्षा का संबल प्रदान करने की पहल की गई। समिति ने ऐसे जरूरतमंद विद्यार्थियों का चयन कर उनके एक सत्र (पूरे वर्ष) की शैक्षणिक फीस का भुगतान किया।
इस अभियान के तहत सिमरन कसेरा (माता: माया कसेरा, पत्नी स्व. भोला कसेरा) और रितेश विश्वकर्मा (माता: गुड़िया देवी, पत्नी स्व. बृजेश विश्वकर्मा) को इस सहायता योजना में शामिल किया गया। समिति द्वारा इन विद्यार्थियों की पूरे वर्ष की फीस रेडिएंट पब्लिक स्कूल, उतरौला को प्रदान की गई।
मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में समिति के संरक्षक मयंक गिरि जी महाराज एवं समिति के सदस्य त्रिपुरारी गिरि, राजेश गुप्ता, अर्पित गुप्ता, अरुण गोस्वामी, आर्यन गुप्ता एवं एकता भारती ने विद्यालय प्रबंधक सुरेश कुमार गुप्ता को विद्यार्थियों के अभिभावकों की उपस्थिति में चेक प्रदान किया।
इस अवसर पर श्री दुःखहरण नाथ मंदिर के महंत मयंक गिरि ने कहा, “शिक्षा ही समाज की सच्ची पूंजी है, और किसी भी बच्चे की शिक्षा आर्थिक अभाव में न रुके, यह सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है। समिति इसी उद्देश्य से आगे बढ़ रही है, और भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्य जारी रहेंगे।
उन्होंने नगर के सक्षम व्यक्तियों और समाजसेवियों से शिक्षा के इस पुनीत कार्य में सहयोग देने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा सके।
समाज के विभिन्न वर्गों ने इस नेक पहल की सराहना की और इसे नगर में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अभिभावक विहीन बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने जैसी योजनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होंगी।
समिति ने आश्वासन दिया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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