Saturday, March 14, 2026
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 श्रीराम ध्वजा और रामकलश यात्रा के साथ गूंज उठा जय सियाराम का नारा

-महिलाओं ने पवित्र राम कलश को अपने सर पर रखा,

-मुस्लिम महिलाओं ने राम कलश यात्रा में की भागीदारी

वाराणसी (हि.स.)। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी पर गुरूवार को श्रीराम आश्रम लमही से रामलीला मैदान तक श्रीराम ध्वजा एवं पवित्र रामकलश यात्रा रामपंथियों ने निकाली। यात्रा में शामिल महिलाएं अपने सर पर पवित्र रामकलश रखकर कीर्तन करते हुए चल रही थीं। वहीं, श्रीराम ध्वजा लेकर चलने वाले युवाओं ने जोश में नारा लगाया। सबका एक ही मकसद था कि भारत पुनः अखण्ड भारत बने और इसमें रामराज्य की स्थापना हो।

पातालपुरी मठ के महंत बालक दास ने अखण्ड भारत में रामराज्य स्थापना के लिए श्रीराम ध्वजा यात्रा का नेतृत्व किया। लमही के श्रीराम आश्रम में रामपंथियों ने गंगाजल लेकर संकल्प लिया कि रामराज्य अखण्ड भारत का मामला है। जब तक अखण्ड भारत की स्थापना नहीं होगी तब तक न शांति आएगी और न ही रामराज्य स्थापित होगा। इस अवसर पर रामपंथ के पंथाचार्य डा० राजीव ने कहा कि अगर पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम देश भगवान श्रीराम की ध्वजा फहराएं तो उनके देश में भी समृद्धि आ जायेगी। आज राम नाम की ही वजह से भारत शांति के मामले में दुनियां का नेतृत्व कर रहा है।

रामपंथ के पवित्र नारे ’सबके राम- सबमे राम’ ने रामभक्ति की क्रांति ला दी है। छुआछूत और भेदभाव को खत्म करने वाले इस नारे ने आदिवासी और मुसहर समाज को राम की भक्ति से जोड़ा है। आदिवासी समाज में राम काज की चेतना आ गयी है।

महंत बालक दास ने कहा कि सनातनी हो या गैर सनातनी सबको अपने घर में खुशहाली के लिए राम ध्वजा को अपने घर पर लगाना चाहिए। यात्रा में डॉ कविन्द्र नारायण, डॉ अर्चना भारतवंशी, डॉ० मृदुला जायसवाल, नजमा परवीन, नाजनीन अंसारी, ज्ञान प्रकाश, सूरज चौधरी, खुशी रमन भारतवंशी, इली भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दक्षिता आदि ने भी भागीदारी की।

श्रीधर

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