मथुरा(हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री द्वारा श्रीकृष्ण विराजमान का भक्त बनकर किए गए दावे की स्वीकारोक्ति के मुद्दे पर चल रही सुनवाई सोमवार एक बार फिर टल गई। जिला जज की अदालत अब इसकी सुनवाई 20 सितम्बर को करेगी। यह जानकारी डीजीसी शिवराम तरकर ने दी है।
गौरतलब हो कि श्रीकृष्ण विराजमान वाद 25 सितम्बर 2020 को दायर किया गया था अधिवक्ता हरिशंकर जैन, रंजना अग्निहोत्री द्वारा दाखिल वाद में श्री कृष्ण जन्मस्थान कि 13.37 एकड़ भूमि मुक्त कराने की मांग न्यायालय से की गई थी। मथुरा की न्यायालय में दाखिल इस वाद में 01 साल में 11 बार तारीख पड़ चुकी है। मथुरा न्यायालय में दायर वाद में कहा था कि यह जमीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की है। लेकिन साल 1968 में इसका समझौता श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच हुआ था, जो अवैध है।
जिला जज की अदालत में इस वाद पर रिवीजन में सुनवाई चल रही है लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। सोमवार को इस केस की सुनवाई जिला जज विवेक संगल द्वारा की जानी थी लेकिन उनके अवकाश के कारण अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अब इस केस में सुनवाई के लिए अदालत ने 20 सितम्बर तय की है।
