-ऊर्जा मंत्री ने अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार की बिजली व्यवस्था पर चोट करते हुए अपनी उपलब्धियां गिनाईं। श्रीकांत शर्मा ने सोमवार को यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जो लोग आज किसानों के हितैषी बने हैं, उनकी सरकार में किसानों को समय पर बिजली तक नहीं मिल पाती थी। आज शहरों को 24 तो गांवों को 18 घंटे बिजली मिल रही है। कृषि फीडर अलग किया गया है। उस फीडर से सुबह सात से शाम पांच बजे तक बिजली मिलने से किसानों को काफी सहूलियत हो रही है।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा कि उनकी (अखिलेश सरकार) अनियमितताओं के बारे में जिक्र करूंगा। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी घरेलू उपभोक्ता से ईडी शुल्क के रूप में फिक्स्ड चार्ज 20 प्रतिशत लिया जा रहा था, जो गलत था। सरकार में आते ही हमने 2019 में इसे ठीक किया। 20 प्रतिशत का फिक्स्ड चार्ज पांच प्रतिशत किया गया। उससे लगभग 53 लाख ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत मिली। पुरानी सरकार ने गरीब उपभोक्ता से ज्यादा वसूल लिया था। लेना था पांच प्रतिशत और ले लिया 20 प्रतिशत।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पहले इन लोगों (सपा सरकार) को यह एहसास नहीं होता था कि उनकी नाक के नीचे क्या हो रहा है। इस प्रकार से उस सरकार में इन उपभोक्ताओं से लगभग 894 करोड़ रुपये ज्यादा वसूली की गयी थी। उसमें हमारी सरकार ने कमी किया। लगभग 75 प्रतिशत की कमी की गयी। दूसरा टीटीजेड के नाम पर उन्होंने आगरा के आसपास के जिले में बिजली देते थे, लेकिन वसूली कमर्शियल करते थे। हमने उन क्षेत्रों में जब 24 घंटे, 18 घंटे का रोस्टर तय किया तब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के हिसाब से अलग-अलग बिजली तय किया। गांव के लोगों से ग्रामीण टैरिफ के हिसाब से बिल लेना निर्धारित किया। उसी तरह से किसानों से भी यह लोग शहरी रेट से ही बिल वसूली करते थे। हमने पुन: ट्यूबवेल का रेट कृषि के लिए तय बिजली दर के हिसाब से निर्धारित किया। उन्हें 1.25 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली देने लगे। यानी की सरकार साढ़े सात रुपये में बिजली खरीद रही है और किसानों को 1.25 रुपये प्रति यूनिट में दे रही है।
ऊर्जा मंत्री शर्मा ने बताया कि किसानों के मीटर लगाए गए हैं। उन्हें मीटर के हिसाब से बिजली बिल नहीं देनी है। ग्रामीण क्षेत्र किसी भी किसान को मीटर के हिसाब से बिजली बिल नहीं जा रहा है। केवल फिक्स्ड चार्ज के हिसाब से ही बिजली बिल भेजा जा रहा है। कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि मीटर लग गया है। मै बताना चाहूंगा कि यह मीटर केवल एनर्जी ऑडिट के लिए लगा है। यह ऑडिट बिजली का हिसाब किताब लगाने के लिए किया गया है। इसलिए लोगों को गुमराह होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि बिजली व्यवस्था का सरलीकरण करने का प्रयास किया गया है। आज किसी को बिजली कनेक्शन लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। पोर्टल के माध्यम से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 1912 नम्बर पर उपभोक्ता शिकायत कर सकते हैं। त्वरित गति से इसका निस्तारण किया जा रहा है।
