Friday, April 3, 2026
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शोभित विवि के दीक्षांत समारोह में 689 विद्यार्थियों को दी गई उपाधि

-केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला को दी गई डी लिट की मानद उपाधि

मेरठ (हि.स.)। शोभित विश्वविद्यालय में गुरुवार को 13वें दीक्षांत समारोह में 689 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले 41 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इस दौरान मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला को डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई।

शोभित विवि के 13वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान, कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र, नाइस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. शोभित कुमार, सांसद राजेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया।

विवि के कुलपति प्रो. एपी गर्ग ने अतिथियों का स्वागत किया और विवि की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। विवि ने सभी उपाधि प्राप्तकर्ताओं को दीक्षा की शपथ दिलाई। केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने सर्वाेच्च स्थान प्राप्त करने वाले 41 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए, जिसमें 21 छात्राएं तथा 20 छात्र शामिल थे। पीएचडी के 34 छात्रों और 689 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला को डीलिट की मानद उपाधि से विभूषित किया। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह मां अपने बच्चों का पोषण करती है, विवि भी राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा के द्वारा बच्चों को संपोषित करता है।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि पहले बहुत धैर्य के साथ एवं समय लेकर कार्य किया जाता था। लेकिन अब लोग काफी जल्दी में रहते हैं। शिक्षा का अपना बहुत बड़ा महत्व है। आप चाहे नौकरी करो अपना रोजगार करो या आप राजनीति में जाओ हर जगह शिक्षा अपना एक अलग महत्व रखती है।

कुलाधिपति ने कहा कि छात्र डिग्री प्राप्त करने के बाद यह सोचने लगते हैं कि आप सब कुछ व्यवस्थित हो गया है। हमें कभी भी स्थिर नहीं होना है क्योंकि जीवन में जो एक बार स्थिर हो जाता है वह नष्ट हो जाता है। हमें एक बात का हमेशा ध्यान रखना है कि हमें अपनी जड़ों को अपने गांव, कस्बे और शहर को नहीं भूलना है।

मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने कहा कि आज कार्यक्रम में आकर मुझे पता चला कि देश में रुद्राक्ष पर भी कार्य हो रहा है। स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के सबसे पहले रुद्राक्ष पर कार्य कर रही छात्रा शिवा शर्मा को उपाधि देने का सौभाग्य भगवान सोमनाथ ने उन्हें दिया। विवि में इस तरह की शोध कार्य, रचनाओं एवं विधाओं को पंजीकृत जरूर कराएं और जिस प्रकार रुद्राक्ष पर कार्य किया जा रहा है, ठीक उसी तरह आप तुलसी पर भी कार्य करें। जिस प्रकार आज विदेश की भारी-भरकम पैकेज की नौकरियां छोड़कर वापस अपने देश में आकर किसानों के बीच कार्य कर रहे हैं और उनकी फसल की खरीद फरोख्त को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उचित दाम दिलवा रहे हैं। ऐसे छात्रों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

विवि के संरक्षक एवं नाइस सोसाइटी ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ शोभित कुमार द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. जयानंद, कुलसचिव डॉ. गणेश भारद्वाज, प्रो. रंजीत सिंह, डॉ. तरुण शर्मा, डॉ. अभिषेक डबास, प्रोटोकॉल ऑफिसर रमन शर्मा, डॉ. कुलदीप कुमार, डॉ. नेहा वशिष्ठ, डॉ. दिव्या प्रकाश, डॉ. निशांत पाठक, राजकिशोर सिंह, मृदुल वैश्य, नेहा भारती, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. निधि त्यागी, डॉ. नेहा यजुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।

कुलदीप

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