-प्रतिनिधिमंडल ने प्रयागराज सांसद को ज्ञापन सौंपा
प्रयागराज (हि.स.)। बॉम्बे हावड़ा मेल के ठहराव को बहाल किये जाने को लेकर शंकरगढ़ नागरिकों के आंदोलन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई है। शंकरगढ़ उद्योग व्यापार कल्याण समिति प्रयागराज की मांग पर एक बार फिर प्रयागराज सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को मुकदमा वापस लेने का पत्र लिखा।
उल्लेखनीय है कि, 1993 में बॉम्बे हावड़ा मेल 3003-3004 के ठहराव को बहाल किए जाने को लेकर शंकरगढ़ नागरिकों द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन के विरुद्ध जीआरपी मानिकपुर ने लगभग 16 प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सहित अज्ञात 1500 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था। मुकदमा नम्बर 1602/93 व 1603/93 व 1607/93 धारा 153 व 174 सरकार बनाम रमाशंकर मिश्र व दल बहादुर सिंह आदि को वापस लिए जाने के लिए 2021 में सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी ने मुख्यमंत्री उप्र सरकार को लिखा था। जिस पर शासन ने जिलाधिकारी बांदा से आख्या मांगी थी। शासन के निर्देश पर मुकदमें की वापसी के लिए थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी एवं एसपी बांदा की अनुशंसा के साथ जिलाधिकारी बांदा कार्यालय में लम्बित है।
यह जानकारी भाजपा नेता दिनेश तिवारी ने सोमवार को देते हुए बताया कि इस मामले में ज्यादातर नागरिकों की उम्र लगभग 70 वर्ष से ऊपर हो गई है। कई लोगों की मृत्यु हो गयी है। जिसमें रमाशंकर मिश्र, राम स्नेही गुप्ता आदि हैं। कई लोग बीमार रहते हैं और कई चलने फिरने में असमर्थ हैं। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री सीके जाफर ने शांतिपूर्ण रेल रोको आंदोलन से प्रभावित होकर बॉम्बे हावड़ा मेल का ठहराव कर दिया था।
शंकरगढ़ उद्योग व्यापार कल्याण समिति शंकरगढ़ की ओर से व्यापारी नेता अनूप केसरवानी, शिवराम सिंह, भाजपा नेता दिनेश तिवारी का प्रतिनिधिमंडल ने विगत कई वर्षों से बॉम्बे हावड़ा मेल के गाड़ी के ठहराव में हुए आंदोलन में सम्मिलित व्यापारी व सामाजिक नेताओं की उम्र, दशा व परिस्थितियों को देखते हुए जनहित में मुकदमा कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के साथ 11 जून को मिंटो रोड स्थित सांसद आवास पर सांसद प्रयागराज डॉ रीता बहुगुणा जोशी को ज्ञापन सौंपा। सांसद ने आश्वासन दिया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में संवेदनशील सरकार है। मुकदमें में प्रभावित जनों की उम्र व वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुकदमा वापस लेने की कार्यवाही को पहले से ही योगी सरकार ने प्रक्रिया कर दिया है, जल्द ही दर्ज मुकदमा जनहित में वापस हो जाएगा।
विद्या कान्त
