पांच अपात्रों पर दर्ज कराया गया मुकदमा, दो लेखपाल भी हुए निलंबित
कानपुर (हि.स.)। मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण योजना शादी अनुदान योजना को भी भ्रष्टाचारियों ने छोड़ा और अब इस फर्जीवाड़े की बराबर परतें खुल रही हैं। एसीएम की जांच में अब तक जो सामने आया है उसके अनुसार सदर तहसील की एक महिला लिपिक ने उपजिलाधिकारी का गोपनीय पासवर्ड हासिल कर फाइलों को आगे बढ़ाया था। जिलाधिकारी ने महिला लिपिक को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस फर्जीवाड़े में दो लेखपाल भी निलंबित हो चुके हैं।
गरीब लड़कियों की शादी पर पड़ने वाले भार को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री शादी अनुदान योजना को संचालित किया है। इस योजना के लाभार्थियों को अपनी—अपनी तहसील में आवेदन करना होता है और उपजिलाधिकारी की संस्तुति पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को फाइल सौंपी जाती है। पारदर्शिता के लिए कई जिम्मेदार अधिकारी अपनी संस्तुति करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचारी यहां पर भी अपनी सेंध लगाने में कामयाब रहे। जनपद में कई ऐसे अपात्र सामने आये हैं जो किसी भी तरह से नियमों में खरे नहीं उतर रहे हैं। इसको लेकर जब प्रशासनिक जांच शुरु हुई तो इस फर्जीवाड़े की परतें बराबर खुल रही हैं।
एसीएम टू अमित राठौर की जांच में सामने आया कि सदर तहसील की महिला लिपिक सुषमा कुरील ने उपजिलाधिकारी का गोपनीय पासवर्ड हासिल कर अपात्रों की फाइलों को जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास फॉरवर्ड किया था। बताया जा रहा है कि उपजिलाधिकारी पहले अपने हस्ताक्षर से फाइल को आगे बढ़ाते थे, फिर नियमों में बदलाव हुआ और डिजिटल हस्ताक्षर से एसडीएम फाइलों को अग्रसारित करने लगे। इसी का फायदा फर्जीवाड़ा करने वालों ने उठाया और एसडीएम का गोपनीय पासवर्ड हासिल कर डिजिटल हस्ताक्षर के जरिये फाइलों को समाज कल्याण विभाग पहुंचाया गया। महिला लिपिक और दो लेखपाल निलंबित
एसीएम की जांच के आधार पर जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने महिला लिपिक सुषमा कुरील को निलंबित कर दिया। वहीं अपात्रों को पात्र घोषित करने वाले लेखपाल लक्ष्मी नारायण पाण्डेय और विजय कुमार को भी निलंबित किया जा चुका है। जिलाधिकारी के अनुसार इन सभी को निलंबन की अवधि तक कोई भी अतिरिक्त भत्ता नहीं दिया जाएगा और वेतन आधा ही मिलेगा।
शादी अनुदान फर्जीवाड़ा: एसडीएम का गोपनीय पासवर्ड हासिल करने वाली महिला लिपिक निलंबित
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