1806 लाभार्थियों का नहीं मिल रहा पता, प्रमुख सचिव की टीम करेगी जांच
कानपुर (हि.स.)। जनपद में शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में हुआ करीब छह करोड़ से अधिक का घोटाला समाज कल्याण विभाग के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। हालांकि जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित 24 लेखपाल और लिपिक निलंबित हो चुके हैं, पर अभी भी पूरी जांच नहीं हो सकी। इसी के चलते अब प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग ने दोबारा जांच करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। प्रमुख सचिव की टीम अब लाभार्थियों के पते की जांच करेगी।
शादी अनुदान और पारिवारिक योजना में जनपद में घोटाले की परत दर परत खुलती जा रही है। पहले मामला यह सामने आया कि करीब छह करोड़ का घोटाला हुआ है। इसको लेकर जब प्रमुख सचिव समाज कल्याण के रवीन्द्र नायक ने विभागीय जांच कराई तो काफी हद तक सही साबित हुआ। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह, 24 लेखपाल और एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी का कहना था कि आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र बनाने व सत्यापन की जिम्मेदारी तहसील की होती है। ऐसे समाज कल्याण विभाग को दोषी ठहराना सही नहीं है। मामला दो विभागों से जुड़ा होने के नाते घोटाले की जांच पूरी तरह से सही न होता देख अब प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग ने जिलाधिकारी आलोक तिवारी को पत्र लिखा। पत्र में यह भी कहा गया कि जो विभाग की टीम जांच करेगी, वह टीम बाबूपुरवा वार्ड 96 व कल्याणपुर ब्लॉक में सत्यापन करेगी। बताया गया कि दोनों योजनाओं में 1806 लाभार्थियों का पता गलत बताया गया है, ऐसे में उनकी दोबारा जांच की जाएगी।
तीन सदस्यीय टीम में उजागर हुआ घोटाला
बताते चलें कि डीएम ने एडीएम आपूर्ति डाॅ. बसंत अग्रवाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। हालांकि कमेटी के आग्रह पर डीएम ने 51 अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी। जांच अधिकारी जब लाभार्थियों की ओर से दिए गए पते पर गए तो पता चला कि शादी अनुदान के 702 और पारिवारिक लाभ योजना के 1106 लाभार्थियों का पता गलत है। उसी पते पर उनके आय प्रमाण पत्र व जाति प्रमाण पत्र बनाए गए थे। जांच अधिकारियों को चार सौ से अधिक अपात्र भी मिले थे। इसी आधार पर 24 लेखपाल और एक लिपिक का निलंबन हुआ। आठ कानूनगो पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक एसडीएम, दो नायब तहसीलदार, तीन उप निदेशक और एक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति डीएम ने की है।
