लखनऊ (हि.स.)। इस साल लग्नें अच्छी होने से लखनऊ में विवाह की धूम मची हुई है। रोज बारातें सज रही हैं। घुड़चढ़ी हो रही है और दुल्हन भी अपना पीहर छोड़कर ससुराल को विदा हो रही है। पिछले साल और इस साल भी गर्मी में कोरोना महामारी के चलते शादियां कम हुईं थीं, जिससे कारण दुकानदारों में बैचने थी, लेकिन इस साल शादियां तो खूब है लेकिन फिर भी दुकानदारों के चेहरे पर कहीं खुशी है तो कहीं गम।
निशातगंज में एक पूजन सामग्री बेचने वाले दुकानदार संजय त्रिपाठी इस बार बहुत खुश है। वह बताते हैं कि इस बार तो कारोबार अच्छा चल रहा है। पिछले साल और इस गर्मी में भी कोरोना के कारण लग्नें सन्नाटे में ही चली गई थीं। इक्का-दुक्का सामान ही बिक पाया था। लोगों ने शादियां जाड़े के लिए टाल दी थी। उन्होंने बताया कि तब हालात बहुत खराब हो गए थे। आमदनी ही ठप्प हो गई थी, लेकिन इस बात तो शादियां खूब हो रही हैं।
बताया कि हां, इस बार सामान जरूर कुछ महंगा हो गया है। हर सामान में कम से कम 10 फीसदी वृद्धि तो हुई ही है। विवाह में लग्नें वाला खम्भ, पाटा सभी चीजें महंगी हुई हैं। इसका कारण उन्होंने बताया कि पेट्रोल महंगा होने हर चीज में थोड़ी बहुत बढ़ोत्तरी तो जरूर हुई है। लेकिन इस बार बिक्री हो रही है।
शादी का सामान बेचने वाले भाष्कर भी बताते हैं कि हां, शादियां तो हो रही हैं लेकिन हमारे यहां ग्राहक ज्यादा नहीं हैं। उन्होंने बताया कि बिक्री तो है लेकिन ज्यादा नहीं है, जिसे कहा जाए। इसका कारण उन्होंने बताया कि शायद कोरोना के कारण लोगों में खरीदने की क्षमता कम हो गई हैं।
डालीगंज के किराना व्यापारी घनश्याम अग्रवाल बताते हैं कि लग्नें तो जरूर है,लेकिन बाजार ठंडी चल रही है। वह बताते हैं कि जबकि अनाज पिछले दिनों की तुलना में सस्ता भी हुआ है। बाजार में सन्नाटे का कारण उन्होंने बताया कि इस समय लोगों के पास पैसा नहीं है। जब पैसा नहीं होगा तो लोग खर्च कैसे करेंगे?
