हरदोई (हि.स.)। जनपद में सभी क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा के बीच ईद-उल-अजहा का त्यौहार शांतिपूर्वक एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाया गया। ईदगाह व मस्जिदों में नमाज को लेकर पूर्व में ही तैयारियां पूरी कर ली गई थी। एहतियातन जिला व पुलिस प्रशासन ने सभी जगहों पर सुरक्षा व व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर रखी थी।
बकरीद पर मस्जिदों में नमाज पढ़कर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने अमन शांति एवं खुशहाली की दुआएं मांगी। जिले की ईदगाहों और मस्जिदों में बकरीद की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद अमन शांति के लिए अल्लाह ताला से दुआएं मांगी और एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। पर्व को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह देखा गया। नए कपड़े पहनकर लोग विभिन्न ईदगाह और मस्जिदों में जमा होने लगे थे। मौके पर जामा मस्जिद के मौलाना सुलेमान ने नमाज के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा बलिदान और संयम का दिन है। इस्लामी कैलेंडर के अंतिम माह जिलहिज्जा की दसवीं तारीख को यह पर्व मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि कुर्बानी आत्मा को शुद्ध करने का एक उत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दिखावे के लिए न हो। उन्होंने कहा कि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हजरत इस्माइल अलेही सलाम को कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे। अल्लाह को यह अदा काफी पसंद आई। इसके बाद सभी लोगों ने त्याग एवं समर्पण के प्रतीक स्वरूप के अनुसार बकरे की कुर्बानी दी गई। कस्बे में देर शाम तक कुर्बानियों का सिलसिला चलेगा। सभी धर्मों के लोगों ने इस्लाम धर्मावलंबियों से गले मिलकर बधाई दी। घर-घर पकवान बने। एक दूसरे के घर जाकर लोगों ने पकवान बांटे जा रहे हैं। जिले की सभी मस्जिदों, ईदगाहों में बकरीद को लेकर नमाज के दौरान पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी एवं उपजिलाधिकारी धीरेन्द्र श्रीवास्तव ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अम्बरीष
