चित्रकूट (हि.स.)। संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर 12, 15 व 18 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में शहीद किसानों को इंसाफ दिलाने को लेकर आन्दोलन की घोषणा से शासन-प्रशासन के होश उड़े हुए है। सोमवार को पुलिस अधिकारियो ने कोतवाली परिसर में किसानों के साथ बैठक कर समस्याएं सुनी। साथ ही आंदोलन न करने की अपील की।
भाकियू जिलाध्यक्ष रामसिंह राही, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण कुमार पाण्डेय व उदय नारायण सिंह की अगुवाई में सोमवार को हुई बैठक में किसानों ने कहा कि आन्दोलन को कमजोर करने को दबाव बनाया जा रहा है। जिला मीडिया प्रभारी देवेन्द्र सिंह ने बताया कि अब ये महसूस होने लगा है कि किसान स्वतंत्र भारत में नहीं रह रहा है। सरकार अपनी तानाशाही के चलते किसानों की आवाज व आन्दोलन को दबाना चाहती है। शहीद किसानों की आत्मा की शांति को लेकर 12 अक्टूबर को किसानों ने कैंडिल मार्च व श्रद्धांजलि सभा करेगी। सैकड़ो गांवों में भाकियू ये कार्यक्रम करेगी। 15 अक्टूबर को दशहरा पर्व पर एक ओर रावण दहन होगा। दूसरी ओर किसान कृषि कानून रूपी रावण की प्रतियां जलाकर कृषि कानूनों का विरोध जतायेंगे।
बैठक में भाकियू पदाधिकारी मण्डल सचिव रामकरन सिंह, विजय सिंह, छोटे पीढिया, राजकिशोर सिंह, नीलकंठ द्विवेदी, विनय त्रिपाठी, नरेश तिवारी, जयकरन सिंह, रामशरण राजपूत, कमलेश सिंह, रामेश्वर सिंह, उदयनारायण सिंह, महिला किसान संगीता देवी, शत्रुघ्न सिंह आदि व सीओ सिटी शीतला प्रसाद पाण्डेय, कोतवाल राजीव कुमार सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। बैठक में किसानों पर आन्दोलन न करने का दबाव बनाया गया।
