कानपुर(हि.स.)। शहरी क्षेत्र के गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के मामले में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है। वर्ष 2020 के बाद शहर में रहने वाले गरीबों को अब तक कोई आवास नहीं दिला सका। वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 3500 गरीबों ने आवेदन किया है।
जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा के परियोजना अधिकारी तेज कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020 में कोई आवास नहीं गया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 3500 लोगों ने आवेदन किया है। उसका सर्वे कराया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में अब तक 3500 लोग आवेदन किया है। नये वित्तीय वर्ष के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। इस तरह अब तक कुल सात हजार लोगों ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सर्वे का कार्य जारी है। जैसे ही सर्वे एवं जांच का कार्य पूरा हो जाएगा, गरीबों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के मामले कानपुर ग्रामीण के परियोजना निदेशक ने वित्तीय वर्ष 2022-23 अबतक 5970 गरीबों का आवास पास हो चुका है।
शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास अधिक उपलब्ध हुए है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि शहरी क्षेत्र के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने में रुचि कम है। हालांकि डूडा अधिकारी कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद शहर में चयनित होने वाले पात्र गरीबों को आवास अतिशीघ्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
राम बहादुर
