लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने रविवार को आईआईएम रोड स्थित श्री राम चंद्र मिशन हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट में नवीनीकृत हार्टफुलनेस मेडिटेशन हाॅल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने योग महोत्सव में भाग लेने वाले स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया।
राज योग के बारे में मुख्य सचिव ने कहा कि राज योग के बहुत से स्वरूप हैं। राज योग का अर्थ शरीर के अंग से है। ध्यान केन्द्रित और प्रणायाम के माध्यम से हम अपने दिमाग को नियंत्रित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘योग: कर्मसु कौशलम्’ अर्थात योग से हमें कर्मों में कुशलता आती है। यह न केवल हमारा स्वाभिमान बढ़ाता है बल्कि तन-मन से स्वस्थ व आत्मनिर्भर बनाकर स्वावलंबन की सनातन परंपरा से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। हमारी लाइफस्टाइल पर्यावरण के अनुकूल होनी चाहिए। लोगों को योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। आस-पास के लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए। मुख्य सचिव ने इंस्टीट्यूट और बीएमए गौशाला का भ्रमण किया। परिसर में पौधा भी रोपित किया।
इस दौरान हार्टफुलनेस संस्था की लखनऊ जोन कोऑर्डिनेटर व सेंटर इंचार्ज शालिनी मेहरोत्रा ने कहा कि नियमित दिनचर्या में ध्यान को शामिल कर तनाव मुक्त जीवन किया जा सकता है। कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय, केजीएमयू, एमिटी यूनिवर्सिटी, एरा विश्वविद्यालय, बीबीडीयू, सीएमएस, केंद्रीय विद्यालय, बाल निकुंज महाविद्यालय, कॅरियर कान्वेंट कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर, टीनी टॉट्स कॉन्वेंट स्कूल, यूनिवर्सल पब्लिक इंटर कॉलेज आस्था किरण संस्थान, दिव्य आशीष योग संस्थान, डाक विभाग व आईसीडीएस की इस प्रतिभागिता महोत्सव में मुख्य रूप से रही।
इस अवसर पर मिशन के सेक्रेटरी रिटायर्ड आईजी उमाशंकर बाजपेई, जीसी भटनागर, वाईएस. चौहान व दिनेश मिश्रा समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
बृजनन्दन/दिलीप
