वाराणसी(हि.स.)। श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती का चातुर्मास व्रत पूर्ण होने पर डुमराव बाग स्थित सुमेरू मठ में विधिवत हवन पूजन के बाद दण्डी सन्यासियों एवं वैष्णव साधुओं के लिए विशाल भण्डारा आयोजित किया गया।

भंडारा में जुटे संतों ने भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा सोमवार को ही शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद के सानिध्य में सीमोल्लंघन कर अपने चातुर्मास व्रत को पूर्ण किया था। स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने बताया कि चातुर्मास के कालखण्ड में सन्यासी एक स्थान पर स्थिर रहकर अपनी साधना, चिन्तन एवं मनन के द्वारा अपने भीतर आध्यात्मिक शक्ति जागृत करता है। उन्होंने कहा कि इस शक्ति का उपयोग पूरे देश में भ्रमण के दौरान सनातन धर्म, संस्कृति एवं परम्परा के संरक्षण सम्वर्धन में किया जाता है। जिससे भारत को शीघ्र “सनातन वैदिक हिन्दू राष्ट्र” घोषित किया जा सके। मठ के भंडारा में मठ मछली बन्दर के महन्त स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी अखण्डानन्द तीर्थ, स्वामी दुर्गेशानन्द तीर्थ, स्वामी इन्द्र प्रकाश आश्रम, स्वामी श्रवणदेव आश्रम, स्वामी प्रकाश आश्रम, ब्रह्मचारी बृजभूषणानन्द महाराज, स्वामी बालेश्वरानन्द तीर्थ, स्वामी महादेव आश्रम, महन्त बाबा अवध बिहारी दास, कोतवाल द्वय विजयराम दास एवम् मोहनदास, विधुभूषण दास सहित दर्जनोंं दण्डी और वैष्णव साधु शामिल रहे।
