वाराणसी(हि.स.)। पहड़िया निवासी साड़ी कारोबारी और लान संचालक बृजेश कुमार पटेल की जौनपुर में हत्या रंगीन मिजाजी और अवैध सम्बंध के कारण हुई। नव धनाढ़य बृजेश पटेल ने अपने लान में कार्य करने वाले कर्मचारी के बहन से अवैध सम्बंध बना लिया था। कर्मचारी के बहन की शादी के बाद भी उसके घर जबरन आना जाना लगा रखा था। इसी से नाराज कर्मचारी और उसके साथी ने कारोबारी बृजेश पटेल की जघन्य हत्या कर दी। और शव को ले जाकर जौनपुर केराकत क्षेत्र में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में हत्यारोपी कर्मचारी सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया।
वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि जौनपुर व वाराणसी की संयुक्त पुलिस टीम ने घटना का पर्दाफाश कर दिया।
छानबीन के दौरान ही पुलिस को घटना के बारे में अहृम सुराग मिल गया था। छानबीन और पूछताछ के दौरान कारोबारी 40 वर्षीय बृजेश कुमार पटेल की रंगीन मिजाजी सामने आ गई। बृजेश पटेल का संबंध लॉन में काम करने वाले चौबेपुर के खटौना निवासी कर्मचारी की बहन से हो गया था। इससे नाराज मनीष ने अपने दोस्त दीपू की मदद से बृजेश की कार में ही हत्या कर दी। हत्या के समय कार में कर्मचारी मनीष की बहन और उसका पति भी मौजूद रहा।
आरोपी कर्मचारी से पूछताछ में पता चला कि बीते रविवार को पहड़िया स्थित लान में मुर्गा और शराब की पार्टी आयोजित थी। वहां लान मालिक बृजेश पटेल ने मुर्गा खाया और शराब पी। दो लोग के लिए मुर्गा पैक कराया। इसके बाद अपने स्कूटी से घर आया। घर से कार लेकर नशे में धुत बृजेश चौबेपुर चुरामनपुर स्थित कर्मचारी के बहन के ससुराल पहुंच गया। उसने फोन कर कर्मचारी के बहन को गांव के बाहर बुलाया। बृजेश के फोन पर कर्मचारी की बहन पति नितिन के साथ आई। नशे में धुत बृजेश ने नितिन से कहा कि वह घर जाकर सो जाये। सरोजा वह पहड़िया लेकर जा रहा है। इस पर नितिन ने अपने साले मनीष पाल को फोन कर बताया कि तुम्हारा मालिक बृजेश यहां आकर हंगामा कर रहा है। कर्मचारी मनीष को अवैध संबंध का पहले से पता था लेकिन लॉन मालिक होने और उसके मनबढ़ होने के कारण वह कुछ नहीं कह पाता था। बहनोई के फोन पर वह अपने दोस्त दीपू चौहान के वहां पहुंचा तब तक बृजेश वहीं मनबढ़ई में मौजूद रहा। पहले मनीष ने लॉन मालिक बृजेश को समझाने का पूरा प्रयास किया। जब वह नही माना तो कार में चलकर बात करने को कहा। बृजेश को पकड़ कर सभी कार में ले गये। चलती कार में नशे में धुत बृजेश के सिर पर राड से मनीष ने वार कर दिया। बृजेश के अचेत होते ही पुन: कार वापस लेकर मनीष बहन के ससुराल पहुंचा। वहां बहन और बहनोई को उतार दिया। फिर कार लेकर मनीष जौनपुर केराकत पहुंच गया। सुनसान स्थान देखकर बृजेश की हत्या कर शव को खेत में फेंकने के साथ शिनाख्त न हो मुंह पर पत्थर भी मार दिया। इसके बाद कार से दोस्त के साथ फरार हो गया।
श्रीधर
