प्रयागराज (हि.स.)। आजादी के अमृत महोत्सव की शृंखला में मनोविज्ञान विभाग की ओर से ईश्वर शरण पी.जी कॉलेज में ‘‘व्यक्तित्व विकास एवं सेना में चयन’’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मोअज्जम अहमद, वैज्ञानिक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान ने सेना में चयन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण चरणों और पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी छात्र-छात्राओं को दी।
गुरूवार को कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राचार्य ने मॉ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि कर किया। तत्पश्चात् मुख्य वक्ता मोअज्जम अहमद ने छात्र-छात्राओं को सामान्य व्यक्तित्व कौशलों एवं सेना में चयन के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तित्व कौशलों पर भी जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ अन्तः क्रियात्मक सत्र में उनके सभी प्रश्नों का समाधान भी किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनन्द शंकर सिंह ने प्रतिभागियों को व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जानकारी देते हुए बताया कि व्यक्ति एवं व्यक्तित्व दोनों भिन्न-भिन्न हैं। यदि व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का निर्माण करता है तो उसमें उसकी संस्कृति, समाज, मूल्यों, गुणों आदि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनके द्वारा सीखने, संचार कौशलों, उत्तरदायित्व की भावना आदि पर भी जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनन्द शंकर सिंह, मनोविज्ञान विभाग के सयोजक डॉ. मान सिंह, सहायक आचार्य डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. विवेकानन्द त्रिपाठी, सहयोगी डॉ. मधु एवं कार्यशाला सहायक अखिल कुमार त्रिपाठी एवं विभिन्न जगहों एवं महाविद्यालय के विभिन्न विभागों से आये प्रतिभागी तथा मनोविज्ञान विभाग के स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग के छात्र सपूर्णानन्द तथा संयोजन डॉ. विवेकानन्द त्रिपाठी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंजना श्रीवास्तव व विशेष सहयोग डॉ. मधु एवं अखिल कुमार त्रिपाठी ने किया। कार्यशाला का सम्पूर्ण प्रबंधन बी.ए तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं सौरभ, संपूर्णानंद, अनुराग, मोहित, निशांत, श्रेष्ठ, शिवम, रवीन्द्र, अंशिमा, साक्षी, वैष्णवी आदि द्वारा किया गया।
विद्या कान्त
