-मिशन शक्ति में थानेदार बनी लड़कियों ने सुनी फरियाद, थाना क्षेत्र में की गश्त
वाराणसी (हि.स.)। वैश्विक बाल दिवस पर शुक्रवार को जिले के कई थानों में मिशन शक्ति अभियान में किशोरवय बालिकाओं और युवतियों को एक दिन के लिए थाने का प्रभारी बनाया गया। थाना प्रभारी बन लड़कियों का उत्साह और आत्मविश्वास देखते बन रहा था। इस दौरान संबंधित थाने के थानाध्यक्ष,प्रभारी सीओ भी उनके बगल में बैठकर उत्साह बढ़ाते रहे।
थाना प्रभारी के कुर्सी पर बैठने के बाद लड़कियों ने फरियादियों की समस्याएं भी सुनी और अफसरों के सहयोग से इसका समाधान भी निकाला। एक दिन के लिए थानेदार बनी लड़कियों ने उत्साह से बताया कि वे भी पुलिस अफसर बनेंगी। लालपुर-पांडेयपुर थाने में अकथा स्थित निजी विद्यालय की कक्षा आठ की छात्रा 13 वर्षीया सौम्या पटेल एक दिन के लिए थानेदार बनाई गई। सौम्या को मिले सम्मान से मेडिकल स्टोर संचालक पिता अवधेश कुमार और गृहिणी मां मीना देवी भी काफी खुश दिखी और सरकार और पुलिस अफसरों का आभार जताया।
इस दौरान सौम्या ने एक एक पीड़िता की समस्याओं को सुना और अपनी समझ के अनुरूप उसे हल कराने के उपाय भी सुझाये। सौम्या ने बताया कि वह पहले डॉक्टर बनना चाहती थी। लेकिन, एक दिन की थाना प्रभारी बनने पर उसने भी पुलिस अफसर बनने का संकल्प लिया है। इसी तरह शिवपुर थाने की एक दिन की प्रभारी क्षेत्रीय विद्यालय की कक्षा 12 की छात्रा साक्षी पांडेय बनी। थानाध्यक्ष नागेश सिंह के साथ साक्षी ने थाने में आने वाले फरियादियों की समस्याएं सुनी। इसी क्रम में लक्सा थाने में 14 साल की भूमि यादव थानाध्यक्ष बनी।
लोहता थाने में 21 वर्षीय एमबीए की छात्रा अर्चना तिवारी को एक दिन के लिए मिशन शक्ति अभियान में थानाध्यक्ष बनाया गया। भिटारी गांव के रहने वाले धर्मराज तिवारी की बेटी अर्चना तिवारी ने पूरे ठसक के साथ थानाध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह के साथ थाना परिसर का भ्रमण किया। थाने पर आए फरियादियों का प्रार्थना पत्र पढ़कर तत्काल त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया। वहीं, थाने के सीयूजी नंबर पर एसपी ग्रामीण का फोन आया तो अर्चना ने जय हिंद कहते हुए फोन को रिसीव किया। इसके बाद अर्चना थानाध्यक्ष के वाहन में सिपाहियों के साथ पूरे लोहता क्षेत्र में गश्त पर निकली। वापस आने पर क्षेत्रधिकारी सदर डॉ राकेश कुमार मिश्रा ने अर्चना का उत्साह बढ़ा स्मृति चिह्न भी दिया।
बताते चले, उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और किशोरवय लड़कियों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए मिशन शक्ति अभियान शुरू किया है। मिशन में लड़कियों को सम्मान देने और उनके अंदर आत्म विश्वास जगाने के लिए वैश्विक बाल दिवस पर उन्हें एक दिन का थानेदार बनाया जा रहा है। इसी अभियान में लड़कियों को थाना प्रभारी बनाया गया। इसके पीछे संदेश दिया गया कि महिलाएं किसी भी अन्याय, छेड़खानी, यौन हिंसा के खिलाफ मुखर हो। पुलिस, थाना और चौकी में अपनी समस्या को निसंकोच आकर बतायें। उनके लिए ही जिले के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाया गया है।
