मेरठ (हि.स.)। वैश्य समाज पर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री दिनेश खटीक की टिप्पणी का मामला तूल पकड़ गया है। वैश्य समाज पहले ही मुख्यमंत्री को इसके विरोध में ज्ञापन भेज चुका है, तो शुक्रवार को भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा है कि राज्य मंत्री हिन्दुओं में बंटवारे का काम कर रहे हैं।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के खजूरी गांव के दीपक त्यागी हत्याकांड को लेकर लोगों ने धरना दिया था। इस धरने में राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने वैश्य समाज को लेकर बयान दिया था। मंत्री के इस बयान का वैश्य समाज उग्र विरोध कर रहा है। वैश्य समाज के लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
अब भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रयोग संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने राज्य मंत्री के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने ट्विटर पर अपने बयान में कहा कि राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने वैश्य समाज पर टिप्पणी करके हिन्दुओं को बांटने का काम किया है। उन्हें अपने बयान पर वैश्य समाज से माफी मांगनी चाहिए।
त्यागी समाज के धरने में पहुंचे राज्य मंत्री ने एक व्यक्ति के टोकने पर कहा था कि मैं गांव का ही हूं। शहर का नहीं हूं, मैं बनिये की औलाद ना हूं, मुझे सब पता है। इसके विरोध में भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि मैं भी गांव का हूं और आप भी गांव के हो। आप भी शहर में रह रहे हो और मैं भी शहर में रह रहा हूं। सभी का सम्मान करो। सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। बंटवारे का काम नहीं करना चाहिए। हम ऐसा नहीं होने देंगे। पुरानी कहावत है कि बंदर के हाथ हल्दी की गांठ लग जाती है तो अपने आपको पंसारी समझने लगता है। शायद उनको भी गलतफहमी हो गई है। गलतफहमी में ना रहे। वैश्य समाज सभी का आदर और सम्मान करने वाला समाज है, लेकिन अपने स्वाभिमान पर आने पर हम बहुत मजबूत समाज से हैं। उन्हें जनता के बीच में माफी मांगनी चाहिए।
वैश्य समाज के बारे में बयान पर राज्य मंत्री दिनेश खटीक का कहना है कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मैं सभी धर्मों और समुदाय का सम्मान करता हूं। मेरी जीत में वैश्य समाज का बड़ा योगदान रहा है। इस पर मैं कोई टिप्पणी कैसे कर सकता हूं।
राज्य मंत्री दिनेश खटीक का विवादों से पुराना नाता रहा है। अपने विभाग में काम के बंटवारे को लेकर भी राज्य मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को त्यागपत्र भेजकर तूफान मचा दिया था। इससे पहले मेरठ में गंगानगर थाने में 20 जुलाई को रोडरेज की एक घटना में मुकदमा दर्ज नहीं होने पर कहा था कि एफआईआर नहीं हुई तो इस्तीफा दे दूंगा। यह मामला लखनऊ तक गूंजा था। इससे पहले 13 फरवरी 2021 को गंगानगर थाने क्षेत्र के मीनाक्षीपुरम में अधिवक्ता ओंकार सिंह के आत्महत्या मामले में सुसाइड नोट में लिखा था कि भाजपा विधायक दिनेश खटीक उत्पीड़न कर रहे हैं। इसके बाद दिनेश के खिलाफ गंगानगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। 2017 में भी दागी सिपाहियों की पैरवी को लेकर उस समय विधायक रहे दिनेश खटीक चर्चित रहे। मवाना में पावर कार्पोरेशन के एसडीओ को धमकाने का भी ऑडियो वायरल हुआ था। इसके साथ ही एक इंस्पेक्टर को बलिया भिजवाने की धमकी में भी वे चर्चा में रहे। जमीन कब्जाने के आरोप भी उन पर लगे।
कुलदीप
