वाराणसी (हि.स.)। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के बघवानाला इलाके में इंसानी रिश्ते को तार-तार करने वाला एक मामला गुरूवार को सामने आया। यहां एक पत्नी बीमार वृद्ध पति को घर में बंद कर कानपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर पिछले एक महीने से रह रही है। पड़ोसी भूख से बेहाल वृद्ध को किसी तरह खाना दे देते है जिससे वह किसी तरह जिंदा है। वृद्ध की हालात बिगड़ती देख उसके घर के आसपास के लोग जुटे।
कोई मदद न पहुंचा पाने पर क्षेत्रीय पुलिस को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय चौकी इंचार्ज ने गेट खोलवाने के बाद वृद्ध की हालत देखी फिर कानपुर रह रही पत्नी से फोन पर बात कर यहां आने को कहा। महिला ने बताया कि दो दिन में वाराणसी पहुंच जायेगी। पुलिस अफसरों ने क्षेत्रीय लोगों से वृद्ध के सहयोग की अपील की और वापस लौट गये।
वृद्ध शंभू यादव बीएसएनएल में कार्य करते थे अब रिटायरमेंट के बाद पत्नी क्षमा और दो बच्चों के साथ बघवानाला में अपने मकान में रहते है। लड़का 12 साल का और लड़की 14 साल की है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि क्षमा बच्चों को लेकर एक महीना पहले कानपुर चली गई। अभी तक नहीं लौटी है। वह अक्सर ऐसा करती है। जब वृद्ध के पेंशन की तारीख नजदीक आता है तो वह कानपुर से घर लौटती हैं। लकवा ग्रस्त पति शंभू को साफ सुथरा कर टेम्पो में बैठा कर पेंशन लेने जाती है। पेंशन निकाल कर फिर कमरे में बंद कर चली जाती है। पास पड़ोस के लोग शंभू नाथ को खाना गेट के नीचे से देकर खिलाते है।
