लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों ने गन्ना किसानों का वर्ष 2018 से 2021 तक गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया है। सहकारी चीनी मिलों पर मात्र पेराई सत्र 2021-22 में गन्ना मूल्य 440.67 करोड़ रुपया भुगतान हेतु बकाया है।
प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बुधवार को यह जानकारी एक लिखित सवाल के जवाब में विधान सभा में दी।
समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज कुमार मलिक ने गन्ना विकास मंत्री से लिखित सवाल में पूछा था कि प्रदेश में वर्ष 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22 में राज्य की सहकारी व प्राइवेट चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का कितना गन्ना मूल्य बकाया है ? उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान की कोई ठोस कार्य योजना तैयार की है ?
विधायक पंकज कुमार मलिक के सवाल के जवाब में गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने लिखित रुप से बताया कि 14 सितंबर तक मिली सूचना के अनुसार प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों पर पेराई सत्र 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में गन्ना कृषकों का कोई गन्ना मूल्य बकाया नहीं है। उन्होंने बताया कि सहकारी चीनी मिलों पर मात्र पेराई सत्र 2021-22 में गन्ना मूल्य 440.67 करोड़ रुपये भुगतान हेतु बकाया है।
मंत्री ने आगे बताया कि इसी प्रकार प्रदेश की निजी क्षेत्र की चीनी मिलों पर पेराई सत्र 2018-19 एवं 2019-20 में गन्ना कृषकों का कोई गन्ना मूल्य बकाया नहीं है। पेराई सत्र 2020-21 में एकमात्र चीनी मिल गड़ौरा (महराजगंज) पर गन्ना मूल्य 11.44 करोड़ रुपये भुगतान हेतु बकाया है। पेराई सत्र 2021-22 में निजी क्षेत्र की कतिपय चीनी मिलों पर 3,964.45 करोड़ रुपये भुगतान हेतु बकाया है।
लिखित जवाब में आगे बताया गया कि पेराई सत्र 2020-21 के अवशेष गन्ना मूल्य की वसूली हेतु चीनी मिल गड़ौरा के विरुद्ध वसूली प्रमाण पत्र निर्गत है। इसी प्रकार पेराई सत्र 2021-22 के अवशेष गन्ना मूल्य के त्वरित भुगतान हेतु बकायेदार चीनी मिलों को दिनांक 25 फरवरीएवं 14 सितंबर को नोटिसें निर्गत की गयी हैं। साथ ही सक्षम स्तर से समय-समय पर विभिन्न समीक्षा बैठकों के माध्यम से भी कड़े निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में बजाज हिन्दुस्थान शुगर लि. इकाई-गोला गोकरननाथ, जिला-लखीमपुर खीरी के विरुद्ध वसूली प्रमाण पत्र भी निर्गत किया जा चुका है।
पीएन द्विवेदी
