उ.प्र. राज्य पुरातत्व विभाग की ओर छतरमंजिल में शुरू हुआ विश्व धरोहर सत्ताह
लखनऊ ( हि.स़.)। भारत में 40 ऐसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थल व स्मारक हैं जिन्हें विश्व धरोहर की स्मारकों की सूची में रखा गया है। उत्तर प्रदेश के तीन स्मारक आगरा का ताजमहल एवं आगरा का किला और फतेहपुर सीकरी के स्मारक भी इस लिस्ट में सम्मिलित हैं। विश्व धरोहर सप्ताह मनाने का मुख्य उद्देश्य देश की सांस्कृतिक धरोहरों और स्मारकों के संरक्षण और सुरक्षा के बारे में लोगों को प्रोत्साहित करना और जागरूकता बढ़ाना है। यह बात लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने शनिवार से छतरमंजिल परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में शुरू हुए विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर कही। धरोहर सप्ताह (19-25 नवम्बर), का आयोजन पर उ.प्र. राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से किया जा रहा है।
इससे पहले उन्होंने परिसर में लगाई गई हमारी धरोहर , हमारी गौरव विषयक छायाचित्र प्रदर्शनी का उदघाटन भी किया। वरिष्ठ लोक साहित्यकार पद्मश्री विद्या बिन्दू सिंह भी उपस्थित थीं । विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। निदेशक ने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने देश की विरासत स्थलों पर गर्व होना चाहिए व उनके संरक्षण के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
रेनू द्विवेदी ने बताया कि प्रदर्शनी में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में सम्मिलित भारत के 40 सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्मारको, -स्थलों के छायाचित्रों के साथ ही साथ उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक स्मारकों के छायाचित्रों को भी प्रदर्शित किया गया। इसके पूर्व इसी विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में नारी शिक्षा निकेतन पी.जी. कालेज, नवयुग महिला पी.जी. कालेज, अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम डिग्री कालेज, ए.पी. सेन मेमोरियल कालेज एवं कालीचरण पी.जी. कालेज के छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान क्रमशः आंचल पाण्डेय, प्रिया गुप्ता, प्रियांशी गुप्ता को दिया गया। वहीं अर्चना सोना एवं शिल्पी चौहान ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह के साथ-साथ प्रमाण-पत्र वितरित किये गए।
इससे पहले विभाग के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. राजीव कुमार त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय दिया। विभाग के उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी राम विनय ने धन्यवाद दिया ।संचालन डॉ राजीव कुमार त्रिवेदी, सहायक पुरातत्व अधिकारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कालेज के शिक्षकों के साथ ही विभागीय अधिकारी व कर्मचारी आदि अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शैलेंद्र मिश्रा
