Thursday, March 5, 2026
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 विश्वकर्मा जयंती पर केन्द्र सरकार शुरू करेगी परम्परागत कारीगरों का प्रशिक्षण

कानपुर(हि.स.)। केन्द्र सरकार अट्ठारह ऐसे परम्परागत हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों के कल्याण के लिए विश्वकर्मा जयंती के दिन विशिष्ट पहचान देने का कार्य शुरू करेगी। यह योजना पांच वर्ष के लिए पूरे देश में लागू की जा रही है। इस योजना के माध्यम से ऐसे कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से आर्थिक सहयोग करने के साथ कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराएगी।

यह जानकारी रविवार को उपायुक्त उद्योग एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा समिति के जिला क्रियान्वयन संयोजक सदस्य कानपुर नगर सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए एमएसएमई विभाग को नोडल बनाया गया है। यह 17 सितम्बर विश्वकर्मा जयंती को लागू की जाएगी और वित्तीय वर्ष 2027-28 तक संचालित की जाएगी।

योजना के तहत परम्परागत हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को विश्वकर्मा के रूप में विशिष्ट पहचान देने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देने के साथ ही कौशल वृद्धि (Skill Development) एवं अत्याधुनिक उन्नतशील उपकरण उपलब्ध कराएगी। इतना ही नहीं कोलेट्रल फ्री लोन, डिजिटल भुगतान एवं ब्राण्डिंग सपोर्ट करने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है।

जाने कौन-कौन लोग ले सकते है प्रशिक्षण

उन्होने बताया कि योजना में 18 ट्रेडों को सम्मिलित किया गया है, जिसमें बढ़ई, लोहार, कुम्हार, सुनार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया बुनकर, दर्जी, नाव निमार्ता, अस्त्रकार, हथौड़ा और टूलकिट निमार्ता, मरम्मत करने वाला, मूर्तिकार, टोकरी, चटाई, झाडू एवं कॉयर बुनकर, गुड़िया और खिलौने बनाने वाला, मछली का जाल बुनने वाला इत्यादि शामिल हैं।

आयु 18 वर्ष निर्धारित

योजना का लाभ पाने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। लाभार्थी को स्वतः अथवा जन सेवा केन्द्र (सी.एस.सी.) के माध्यम से अपने को किसी एक ट्रेड में पंजीकृत कराना होगा। जिस ट्रेड में लाभार्थी अपना पंजीकरण कराया, उसे उसी काम के लिए पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके बाद लाभार्थी को उपकरण खरीदने के लिए पन्द्रह हजार रुपये का ई बाउचर दिया जाएगा। जिससे लाभार्थी अपने ट्रेड से संबंधित टूलकिट या उपकरण को खरीद सकेगा। इसके साथ ही ऐसे लाभार्थियों को रोजगार शुरू करने के लिए इच्छुक लोगों को पांच प्रतिशत की दर से एक लाख का बगैर किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराएगी।

सबसे आवश्यक एवं लाभ यह है कि जो पहली बार का ऋण चुका देगा तो ऐसे लाभार्थी को एडवांस स्किल ट्रेनिंग के लिए 15 दिन का प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। पुनः इच्छुक होने पर दो लाख का ऋण पांच प्रतिशत सामान्य ब्याज पर बगैर किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जायेगा।

इस योजना का लाभ पाने के लिए इच्छुक लाभार्थी अपना ऑनलाइन सेवा केन्द्रों के माध्यम से अपना आवेदन कर सकते है। पंजीकरण करने की वेब द्वारा साइट- पीएम विश्वकर्मा डॉट गर्वमेंट डॉट इन पर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितम्बर निर्धारित की गई है।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों का पंजीकरण पंचायती राज्य विभाग,नगर विकास विभाग,समाज कल्याण विकास विभाग,कौशल विकास विभाग,आई.टी. एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग तथा जनपद के विकास खण्डों तहसीलों एवं ग्राम सचिव एवं अन्य विभागों की सहायता से अभ्यर्थियों का सत्यापन कराते हुए त्रिस्तरीय जनपद स्तर पर जिलाधिकारी द्वारा गठित चयन समिति के माध्यम से किया जायेगा।

राम बहादुर/दीपक/पदुम नारायण

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