कानपुर(हि.स.)। विवादों में आए भाजपा नेता पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी की बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को अपने फेसबुक के माध्यम से फिर एक बार विवादित बयान देकर पार्टी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। उनका आरोप है कि पार्टी के ही कुछ लोग उनके खिलाफ बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
फेसबुक में लाइव आकर आरोप लगाया है कि मेरे ही पार्टी के एक सांसद के इशारे पर जाति व समाज से जोड़कर संपूर्ण ब्राह्मण समाज का अपमान किया जा रहा है। ब्राह्मण समाज को भ्रमित करने के लिए मेरे खिलाफ माहौल बनाने के लिए साजिश रची जा रही है। कानपुर देहात की घटना को लेकर सांसद के लोग मेरे खिलाफ भ्रम फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज बड़ौली कानपुर देहात कांड को लेकर उल्टी सीधी पोस्ट फेसबुक पर डाल रहे हैं। मेरी पत्नी प्रतिभा शुक्ला जो इस वक्त सरकार में राज्य मंत्री और क्षेत्र में तीन बार से विधायक हैं। एक लाख वोट पाकर चुनाव जीतती हैं। उनसे कहता है कि समाज के नाम पर कलंक हैं। मैं और मेरी पत्नी रात-दिन घर छोड़कर जनता की सेवा में जुटे हुये हैं। कभी ऐसा काम नहीं किया कि जिससे समाज की बदनामी हो।
स्वयंभू नेता से पोस्टमॉर्टम हाउस में झगड़े की बात है उसने तथा उसके साथियों ने मुझे और मेरी पत्नी को अपमानित करने का प्रयास किया और मेरे गिरेहबान में हाथ डाला। इसका विरोध वहां पर मौजूद कृष्णा गौतम समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने किया। इस पर उन लोगों ने कृष्णा गौतम को जमीन पर गिरा दिया और बाल पकड़कर बाहर खींचने लगे।
महिला किसी भी जाति की हो उसका अपमान नहीं होना चाहिए। फिर उसमें ब्राह्मण समाज कहां से आ गया। ये लोग जब ब्राह्मणों को भ्रमित नहीं कर पाए तो इसे सारे वकीलों का अपमान बता दिया। जबकि ये उनकी व्यक्तिगत लड़ाई है कृष्णा गौतम से।
राम बहादुर
