-राष्ट्रपति को दी विंध्य कॉरिडोर की जानकारी
-सोनभद्र में वनवासी समाज के अक्षम बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का दिया भरोसा
सोनभद्र /वाराणसी (हि.स.) राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने अपने तीन दिवसीय पूर्वांचल दौरे के दूसरे दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान उन्होंने विंध्य कॉरिडोर की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दौरान खुद गाइड की भूमिका में दिखे। उन्होंने देश के प्रथम नागरिक को खुद योजना के बारे में पूरे आत्मविश्वास केे साथ जानकारी दी। अपने ड्रीम प्रोजेक्ट विन्ध्य कॉरिडोर की बारिकियों से अवगत मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को भी एक-एक पहलू को बताया। राष्ट्रपति ने विंध्य कॉरिडोर के कार्य को देख मुख्यमंत्री को प्रशंसित नजरों से देखा।
लगभग तीन सौ करोड़ से अधिक की लागत से बन रहे कॉरिडोर के निर्माण के बाद विंध्यवासिनी दरबार का अलग नजारा होगा। विंध्य पर्वत से मां गंगा के किनारे शक्तिपीठ तक विन्ध्य कॉरिडोर का काम चल रहा है। पहले चरण में मंदिर के चारों तरफ विन्ध्य परिपथ का निर्माण किया जाना है। निर्माण के बाद परिक्रमा पथ से ही भक्त और श्रद्धालु सीधे मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन के लिए जाएंगे। यहां राष्ट्रपति को दर्शन पूजन कराने में नगर विधायक एवं विंध्याचल धाम के पुरोहित रत्नाकर मिश्र ने बड़ी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर जिला प्रशासन की ओर से भगवान श्रीराम की प्रतिमा राष्ट्रपति को स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की।
इसके पहले सोनभद्र के बभनी सेवा कुंज आश्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के मौजूदगी में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पूरे क्षेत्र के विकास का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने एक किशोरी से संवाद किया। उन्होंने आदिवासी और वनवासी समाज के अक्षम बच्चों को खोजकर उनको पढ़ाने का इंतजाम करने के लिए सरकार की ओर से पहल की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे जिले में जो भी वनवासी, आदिवासी समाज के बच्चे हैं उनका पता लगाकर जिले में अथवा दूसरे जिलों में उनके शिक्षा की व्यवस्था करें उनके रहने, खाने एवं शिक्षा की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हर घर नल और हर घर जल योजना को शुरू करने की जानकारी देते हुए स्वच्छ जलापूर्ति के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने जिले में शूटिंग रेंज न होने की बात कह बताया कि उन्होंने स्थानीय जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव भेंजे। मुख्यमंत्री ने जिले को एक और मेडिकल कालेज देने की बात कही।
