– राजस्थान की कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना, गुलाबी पत्थर बिखेरेगा आभा
– जल्द निखरकर सामने आएगा विन्ध्य कॉरिडोर का अलौकिक स्वरूप
मीरजापुर (हि.स.)। बहुप्रतीक्षित आस्था का गलियारा अब चैत्र नवरात्रि पर मां विन्ध्यवासिनी की महिमा का अहसास कराएगा। विन्ध्य कॉरिडोर के परिक्रमा पथ का निर्माण कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। चैत्र नवरात्रि पर परिक्रमा पथ का भूतल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही दो मंजिला परिक्रमा पथ के साथ विन्ध्य कॉरिडोर का अलौकिक स्वरूप निखरकर सामने आएगा।
चैत्र नवरात्रि पर विश्वभर से आने वाले श्रद्धालुओं को विन्ध्यवासिनी मंदिर के चारों तरफ आस्था का गलियारा रिझाएगा ही, पहली बार श्रद्धालु संकरी गलियों से मुक्त आस्था की डगर पर परिक्रमा कर सकेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट विन्ध्य कॉरिडोर निर्माण के लिए नामित राजकीय निर्माण निगम का दावा था कि मकर संक्रांति तक विन्ध्यवासिनी मंदिर के चारों तरफ 50 फुट का परिक्रमा पथ बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन किसी कारणवश विलंब हुआ। अब चैत्र नवरात्रि पर श्रद्धालुओं की परिक्रमा की राह आसान होगी। राजस्थान से तराशकर मंगाए गए अहरौरा के गुलाबी पत्थर से सुशोभित आस्था का गलियारा विन्ध्य कॉरिडोर के माडल से परिचित कराएगा ही, राजस्थान की कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना भी देखने को मिलेगा।
कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता राजकुमार पांडेय ने बताया कि 130 खंभों पर बनकर तैयार दो मंजिला परिक्रमा पथ का भूतल चैत्र नवरात्र पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि अभी द्वितीय तल पर फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। कोतवाली मार्ग, पुरानी वीआइपी, न्यू वीआइपी और पक्का घाट मार्ग भी निर्माणाधीन है और फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। हालांकि चैत्र नवरात्रि मेला के दृष्टिगत ससमय व्यवस्था दुरुस्त कर लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं को न हो कोई परेशानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि चैत्र नवरात्रि मेले पर विन्ध्यधाम आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न होने पाए। ऐसे में प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। शारदीय नवरात्रि मेला की कमान संभाल चुकीं जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने विभागवार बैठक कर जिम्मेदारी सौंपी है और लापरवाही बर्दाश्त न करने की हिदायत भी दी है।
देश-दुनिया के सामने होगा विन्ध्यधाम का नया स्वरूप
विन्ध्य कारिडोर का निर्माण कार्य दिसंबर 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। हालांकि जिलाधिकारी दिव्या मित्तल उससे पहले ही निर्माण कार्य पूर्ण कराने की कोशिश में जुटी हैं। अगर ऐसा हुआ तो शारदीय नवरात्र तक विश्व फलक पर शुमार विन्ध्यधाम का नया स्वरूप देश-दुनिया के सामने होगा।
गिरजा शंकर
