-विपक्षी विधायकों की मांग, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी हों बर्खास्त
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को भी विपक्ष का हंगामे जारी रहा। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की। वे सब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे।
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वेल में आकर चंदौली और लखीमपुर की घटना पर चर्चा कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चंदौली में सपा के नेता पर गलत तरीके से पुलिस ने कार्यवाही की है और कार्यकर्ता को प्रताड़ित किया जा रहा है। लखीमपुर की घटना पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि अगर उनके लड़के के ऊपर आरोप तय हो जाएगा तो वह इस्तीफा दे देंगे। अब आरोप तय हो गया है लेकिन अभी तक उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि लखीमपुर की घटना पर जिस तरह से एसआईटी की रिपोर्ट आई, उसमें पूरी घटना को सुनियोजित ढंग अंजाम देने की बात कही गई है। पहले दिन से हमारी मांग थी कि केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त किया जाय। कल राहुल गांधी ने संसद में चर्चा करने की सदन में मांग की। आज हमने विधान सभा में मांग की। कल जिस तरह से पत्रकार के सवाल पूछने पर केंद्रीय मंत्री ने गुंडागर्दी की। ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाय। जब तक बर्खास्त नही किया जाता कांग्रेस का सड़क से लेकर सदन तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
कांग्रेस के सदस्यों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा के नेतृत्व में विधानसभा के सामने भी प्रदर्शन किया। इन लोगों ने जीपीओ गांधी प्रतिमा से लेकर विधान भवन तक मार्च भी किया।
विधान परिषद में भी सपा और कांग्रेस के सदस्यों ने लखीमपुर घटना पर सदन में चर्चा की मांग की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा नेता राजेन्द्र चैधरी ने कहा कि अजय मिश्रा टेनी को पद से क्यों नहीं हटाया गया। हम विधान सभा और विधान परिषद दोनों सदनों में मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोगों की हत्या कर रही फर्जी एनकाउंटर कर रही है। उन्होंने कहा कि गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए।
कांग्रेस के विधान परिषद नेता दीपक सिंह ने कहा कि आज तारांकित प्रश्न में पूछा गया तो सरकार ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौत नही हुई है। सरकार अभी तक झूठी थी, अब सरकार पापी भी है।
उप्र विधान मंडल का शीतकालीन सत्र बुधवार को शुरु हुआ। पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। विपक्ष के सदस्यों ने सत्र के प्रथम दिवस भी लखीमपुर कांड को लेकर हंगामा किया था और वे सब धरने पर भी बैठ थेे।
दिलीप/ पीएन द्विवेदी
