वाराणसी (हि.स.)। विभिन्न मांगों को लेकर बिजली विभाग के जूनियर और प्रोन्नत इंजीनियरों का क्रमिक उपवास, अनशन सत्याग्रह दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा।
भिखारीपुर स्थित मुख्य मुख्य अभियन्ता कार्यालय के सामने अनशनरत कर्मचारियों के समर्थन में जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर एवं चंदौली से कार्य बहिष्कार कर आये जूनियर इंजीनियरों ने एकजुटता दिखाई। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश व्यापी 48 घंटे के क्रमिक अनशन में बैठे अनशनकारियों का उपवास तुड़वा कर उनका स्थान दूसरे कर्मचारियों ने लिया। इस दौरान अनशन उपवास पर बैठे इंजीनियर सर्वेश शुक्ला और पूर्वांचल के पर्यवेक्षक इं. अवधेश मिश्रा ने बताया कि संगठन के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर अपनी न्यायोचित मांगों, विभागीय कार्य दायित्व निर्वहन एवं बेहतर उपभोक्ता सेवा, न्यूनतम आवश्यक संसाधन तथा संवर्ग के साथ हो रहे उत्पीडनात्मक कार्यवाहियों के विरोध में पूर्व घोषित आन्दोलन के चौथे चरण में अनशन उपवास 48 घंटे तक चलेगा। इसमें चार जिला के साथी शामिल हैं। कर्मचारी नेताओं ने शीर्ष ऊर्जा प्रबन्धन को आगाह किया कि अगर अब भी संवर्ग की न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो हम जेल भरो, कार्य बहिष्कार तक जाने के लिए विवश होंगे।
अन्य कर्मचारी नेताओं ने बताया कि ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा समय से विद्युत लाइनों एवं तंत्र का प्रिवेंटिव मेंन्टनेन्स, भण्डार गृहों में मेन्टनेन्स के सामानों की घोर कमी है। पिछले 04 वर्षो में वितरण नेटवर्क लगभग दोगुना हो गया है। लेकिन मैन पावर को नियोजित नहीं किया गया है। जिससे इस संवर्ग को बेहतर उपभोक्ता सेवा देने में अत्यन्त कठिनाई हो रही है। उपवास में रत्नेश सेठ, गुलाब प्रजापति, निर्भीक भारती, राजकुमार, धर्मेंद्र, पंकज, शक्ति, रोहित आदि शामिल हैं।
