उतरौला बलरामपुर। सुबह और शाम को होने वाली विद्युत कटौती से उपभोक्ताओं के साथ साथ छात्र भी परेशान हैं और छात्रों की परीक्षा की तैयारी भी बाधित हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 18घंटे बिजली की आपूर्ति संबधित शासन का फरमान उतरौला क्षेत्र में नाकाम सिद्ध हो रहा है।मनमानी कटौती का यह आलम है कि आपूर्ति 6से 8घंटे सिमट कर रह गई है कोई निर्धारित रोस्टर नही है कि बिजली कब आयेगी और कब जाएगी। ऐसा हाल तब है जब यूपी बोर्ड व स्नातक कक्षाओं की परीक्षाएं चल रही हैं।अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत उपकेंद्र उतरौला से क्रमश: अलग अलग फीडरों के जरिए विद्युत आपूर्ति की जाती है यहां से चमरूपुर फीडर,महुवा फीडर,श्रीदत्तगंज फीडर का संचालन होता है।

अवर अभियंता,उप खंड अधिकारी से लेकर अधिशाषी अभियंता तक के कार्यालय हैं जहां कर्मचारियों की फौज मौजूद रहती है जिससे क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति की उम्मीदें की जाती हैं, लेकिन वर्तमान समय में बिजली चोरी आदि को लेकर आम उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने में सक्रिय दिखाई देने वाला बिजली महकमा कम से कम शासन की मंशानुरूप क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति कर पाने में फिसड्डी साबित हो रहा है।सुबह जब परीक्षार्थियों को तैयारी करनी होती है तो 5बजे से 8बजे तक कटौती कर दी जाती है यही रवैया सांय 6से 8बजे भी अपनाया जाता है रात में कुछ घंटे बिजली टिकने की उम्मीद तो की जाती है लेकिन लगातार कटौती के चलते 2से 4घंटे भी बिजली मिल पाना मुश्किल हो जाता है।
इंटर के परीक्षार्थी शेखर ने बताया कि विद्युत कटौती के चलते काफी समस्या हो रही है सुबह और शाम के विद्युत कटौती से पढ़ाई बाधित हो रही है।
कक्षा 12 की छात्रा रजिया ने बताया कि अघोषित विद्युत कटौती से काफी समस्या होती है।कक्षा 12 की छात्रा आयुषी गुप्ता का कहना है कि परीक्षा के दौरान विद्युत सप्लाई का समय निश्चित नही होने के कारण काफी परेशानी होती है और परीक्षा की तैयारी में भी समस्या होती है।

रोहित गुप्ता
