Monday, April 6, 2026
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विदेश जा रहे आठ बांग्लादेशी कानपुर सेन्ट्रल से गिरफ्तार

– कोलकाता से पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिकों को विदेश भेजने वाला सरगना

कानपुर (हि.स.)। बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को भारत लाकर हिन्दू नाम देकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर विदेश भेजने का गिरोह चल रहा है। गिरोह का भंडाफोड़ उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा बीते अक्टूबर माह में हो चुका था, लेकिन सरगना पुलिस की पकड़ से दूर था और बांग्लादेशी नागरिकों को विदेश भेजने में लिप्त रहा। जिसकी जानकारी उत्तर प्रदेश एटीएस को रही और बराबर मॉनीटिरिंग करती रही, जिसके परिणाम स्वरुप कानपुर से आठ बांग्लादेशी उस समय सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन से पकड़े गये जब वह विदेश जाने के लिए दिल्ली जा रहे थे। यही नहीं एटीएस ने गिरोह के सरगना को कोलकाता से भी धर दबोचा।

उत्तर प्रदेश एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) के आईजी जीके गोस्वामी ने बताया कि उप्र एटीएस ने बांग्लादेशी व रोहिंग्याओं की मदद करने वाले सरगना समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें विदेश जा रहे आठ लोग कानपुर के सेंट्रल रेलवे स्टेशन से व विदेश भेजने वाले सरगना को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि अभियुक्त महफुजुर्रहमान बांग्लादेशी नागरिक है और गिरोह का सरगना है। वह अपना फर्जी स्थायी पता कोलकता बताकर वर्तमान में एक मदरसे में रह रहा था। जिसका पता मार्टिनपारा पश्चिम बंगाल है। वह वर्ष 2010 से अवैध रुप से बांग्लादेश सीमा को पार कर भारत आया और पश्चिम बंगाल में रहने लगा। इस दौरान उसने फर्जी तरीके से फर्जी भारतीय पहचान पत्र अन्य दस्तावेज बनावा लिया।

इस बीच वह भारतीय पासपोर्ट बनवाकर वर्ष 2013 में दुबई चला गया। वहां से वापस आने के बाद वह अपने साथियों की मदद से बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को भारत लाने लगा। यहां पर उन लोगों को हिन्दू नाम देकर फर्जी दस्तावेज बनवाकर विदेश भेजने का काम शुरु कर दिया। यही नहीं भारत के अलावा अन्य देशों में भी घुसपैठ करने लगा और पाकिस्तानियों से भी सम्पर्क में है।

सरगना ने लिया था एक-एक लाख रुपया

आईजी ने बताया कि कानपुर से पकड़े गये सभी लोग कोलकाता से ट्रेन के जरिये दिल्ली जा रहे थे। दिल्ली से फ्लाइट के जरिये इन सभी लोगों को दुबई भेजने की तैयारी थी और इनके पास मिले सभी दस्तावेज फर्जी पाये गये। पूछताछ में इन्होंने अपना नाम व पता बांग्लादेश बताया। अनुवादक के जरिये इनसे पूछताछ हुई और व्हाट्सएप के माध्यम से इनके परिजनों से मूल दस्तावेज मंगाए गये तो पुष्टि हो गई। इन लोगों ने बताया कि विदेश भेजने के लिए महफुजुर ने एक-एक लाख रुपया लिया था।

नौ लोग पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

पकड़ा गया अभियुक्त महफुजुर्रहमान कोलकाता में खाली पड़े मदरसे में जहां रह रहा था, वहीं पर अवैध तरीके से भारत बांग्लादेश बार्डर पार कर आये बांग्लादेशियों रखता था। यहां पर बाकायदा बांग्लादेशियों को हिंदी बोलने लिखने एवं परिवर्तित नाम से फर्जी नामों के हस्ताक्षर बनवाने का प्रशिक्षण भी देता था। वह इस काम में पिछले तीन-चार से संलिप्त है। बताया कि बीते अक्टूबर माह में नौ लोग पहले ही उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किये जा चुके हैं। उन्ही की पूछताछ में गिरोह की बात सामने आई और तभी से गिरोह के पर्दाफाश के लिए कड़ी दर कड़ी एटीएस आगे बढ़ रही थी।

यह हुए गिरफ्तार

आईजी ने बताया कि महफुजुर्रहमान (सरगना), असिदुल इस्लाम उर्फ विजयदास, हुसैन उर्फ मानिक दत्ता, अलअमीन उर्फ राजेश, जैबुल इस्लाम उर्फ गोविंदा, जमील अहमद उर्फ पलाश, राजिब हुसैन उर्फ अजीत दास, सखावत खान उर्फ गोलक और अलाउद्दीन तारिक उर्फ रिंकू विश्वास को गिरफ्तार किया गया है।

अजय/दीपक

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