औरैया (हि. स.)। ऐतिहासिक धरोहर के लिए अपनी पहचान रखने वाले बुंदेलखंड के जनपद जालौन की पश्चिमी सीमा पर स्थित बना रामपुरा किला अद्भुत छटा और बेशुमार खूबसूरती ने देशी तथा विदेशियों पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र बना दिया है।
देसी विदेशी यहां की संस्कृति से परिचित होने के साथ-साथ यहां की सुंदरता और आसपास के अनोखे वातावरणीय दृश्यों का अवलोकन कर यहां की यादों को समेट कर ले जाने लगे हैं। वहीं से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर बीहड़ों में गर्व से सिर उठाए खड़ा यह किला पांच नदियों के संगम स्थल के समीपस्थ है।
यहां पर पांच नदियों का संगम स्थल है। जहां पर टोके लिहाज से तमाम ऐसी खूबियां हैं।जो आकर्षण का केंद्र बनाती है।
भूल भुलैया का आभास कराने वाली बीहड़ की ऊंची नीची कगारे भय पैदा करने वाली गुफाएं रोमांच पैदा करने वाली गहरी खाईयां है। तो आंखों के साथ-साथ मन को भी राहत प्रदान करने वाली नदियों की कल कल भी है। पांच नदियों का संगम क्षेत्र की खूबियों पर चार चांद लगाने वाला और आसपास का हरा भरा मनमोहक वातावरण मंत्रमुग्ध करने वाला है।
संगम का वाटर स्क्रीनिंग नौका विहार आदि के जरिए पर्यटकों का आकर्षण करने की सारी खूबियां यहां मौजूद है। कार्तिक पूर्णिमा पर दीपावली नृत्य लोकगीत लोक नृत्य ध्वनि प्रकाश कार्यक्रम किए जाते हैं।मंदिर के अंदर भगवान भोलेनाथ राधा कृष्ण के अलावा देवी देवता की प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर प्रति वर्ष दीपावली नृत्य लोकगीत देखने के लिए लाखों की तादात में लोग यहां आते हैं।
पचनदा क्षेत्र को कंजोसा गांव के पास स्थित है ।यहां पांच नदियों का संगम स्थल है ।सिंधु पहुंज क्वारी चंबल यमुना का अद्भुत संगम होता है ।जिस दिन यह इलाका भी मानचित्र से जुड़ जाएगा उस दिन यहां पर बिदेशी पर्यटकों की लोकप्रियता अधिक बढ़ जाएगी।
इस किले ने पचनद संगम की बीरांगी को किया रौनक में तब्दील
कभी किसी समय बीहड़ की उबड़ खाबड़ घाटियों से पोषित होने वाले दस्यु गिरोह की आमद से यहां वीरान्गी रहती थी अब वही खासी रौनक में तब्दील होने लगी है।जिसे समूचे क्षेत्र के लोग अपनी पहचान से गोरबिन्त है। तो कहीं अपने भविष्य में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद संजोए बैठे हैं। वहीं विदेशी तथा दूर दराज से आने वाले सैलानियों को विभिन्न संस्कृति से जुड़े लोगों के आने से आकर लोगों को स्वस्थ ज्ञान संवर्धन भी हासिल होने लगा है। जगम्मनपुर निवासी डॉ आर के मिश्रा बतलाते के जनपद की शान यह किला तथा पचनद संगम को पर्यटक स्थल जाने की संभावनाओं को बल मिल जाएगा
यह किला छय सौ साल से अधिक समय तक का है। इस किले का निर्माण राजाराम सहाय ने करवाया था।
