– सपा अध्यक्ष ने बारिश के चलते सड़क धंसने और जलभराव को लेकर भाजपा सरकार को घेरा
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में बरसात शुरू होते ही जलभराव और सड़क धंसने की खबरें आनी शुरू हो गई है। दुर्घटनाओं में मौतें हो रही हैं। भाजपा सरकार की जनता को तकलीफों से बचाने में कोई रुचि नहीं लेती है। यह आरोप समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उप्र की भाजपा सरकार पर लगाए हैं।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार को सत्ता में आये सवा छह साल हो गए हैं और सिर्फ बयानबाजी व विकास के झूठे दावे करने में माहिर है। तारीख पर तारीख पड़ती रही परन्तु सड़कें गड्ढामुक्त होने की जगह खुद गड्ढा बन गई। जलभराव से शहरों के गली मुहल्ले तालाब बन गए।
सपा अध्यक्ष ने बुधवार को सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वर्षा के पहले दौर में ही भाजपा के सड़कें गड्ढा मुक्त होने के दावे का सच जगजाहिर हो गया है। राजधानी लखनऊ में बलरामपुर अस्पताल के पास, जहां दिन भर एम्बुलेंस और मरीजों-तीमारदारों की भीड़ रहती है, सड़क धंसने की तो चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही हैं। खुद लखनऊ नगर निगम जलभराव का शिकार बन गया। लेकिन शहर के और कई हिस्सों से भी ऐसी सूचनाएं हैं। शहर में नालों की सफाई समय से हुई नहीं तो उफनाते नालों से आसपास बसी बस्तियों में आफत आनी स्वाभाविक है। जब ये हाल यूपी की राजधानी का है तो अन्य जिलों का क्या हाल होगा? क्या यही लखनऊ इनकी स्मार्टसिटी है?
कानपुर जाजमऊ गंगापुल के बाद लखनऊ तक पहुंचने में हजारों गड्ढे बीच में हैं। इसे खूनी राजमार्ग भी कहा जाने लगा है। यहां 93 लोगों की जाने जा चुकी है। इसी तरह झांसी हाई-वे पर बाराजोड़ से उरई तक 70 किलोमीटर राजमार्ग पर चलना चुनौती से कम नहीं, सड़क कई जगह से टूटी है। इस रास्ते पर 14 महीने में 33 लोगों की मौतें हो चुकी है। यह तब जब यहां रोज उकासा टोल प्लाजा पर 40 लाख रुपये रोज की टोल वसूली होती है। छोटी काशी की सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। यहां सावन में भोले शंकर का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों की टोलियां आती हैं। लखीमपुर मार्ग पर ओवर ब्रिज के निकट एक किलोमीटर सड़क बहुत खराब है। नुकीले पत्थरों से शिवभक्तों के घायल होने का खतरा है। सीतापुर में सूर्य कुण्ड, भैरव नाथ मंदिर में सावन में भारी भीड़ आती है। यहां भी सड़कें कम गड्ढे ज्यादा है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की हालत भी खराब है। समाजवादी सरकार में बने विकास की पहचान और उत्तर प्रदेश की शान इस शानदार सड़क के किनारे की लाइटें खराब हैं, टोल प्लाजा के पास गंदगी है। भाजपाराज में तो विश्वस्तर की ऐसी कोई सड़क बनी नहीं। समाजवादी सरकार में जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बना था, भाजपा सरकार उसके रखरखाव में भी लापरवाही कर रही है। भाजपा की बदले की भावना का यह उदाहरण है।
सच तो यह है कि भाजपा राज में नाला सफाई और गड्ढे भरने के नाम पर सिर्फ ऊपर वालों की जेबे भरी जा रही हैं। इस सरकार में केवल घपले-घोटाले और भ्रष्टाचार का ही बोलबाला है। भाजपा सरकार में झूठ का ही सारा कारोबार चल रहा है। जनता इससे बुरी तरह ऊबी हुई है। वह भाजपा को 2024 में शिकस्त देकर भाजपाई अहंकार और भ्रष्टाचार की राजनीति से मुक्ति पा लेगी।
मोहित /राजेश
