Thursday, April 2, 2026
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विकसित देश की ओर बढ़ना है तो निर्यात पर फोकस जरूरी : अनुप्रिया

– बहुत सारे देशों का इतिहास है इसका गवाह, लोकल उत्पादन को देंगे बढ़ावा

मीरजापुर(हि.स.)। ‘वोकल फाॅर लोकल’ को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से शुक्रवार को महंथ शिवाला स्थित लाॅन में तीन दिवसीय ओडीओपी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इसका उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि देश आजादी का 75 वर्ष पूर्ण कर चुका है और अभी भी हम विकासशील देश की श्रेणी में आते हैं। अब हम धीरे-धीरे सौ वर्ष के स्वर्णिम काल की ओर बढ़ेंगे, ऐसे में आने वाले 25 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाना है और विकासशील देश से विकसित देश की ओर आगे बढ़ना है। यह निर्यात से ही संभव हो पाएगा।

मंत्री ने बिना किसी अन्य देश का नाम लिए कहा कि बहुत सारे देशों के इतिहास को देखा गया कि वे कैसे विकासशील से विकसित देश बने, तो पता चलेगा कि उन्होंने ज्यादातर निर्यात पर ही फोकस किया। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंत्रालय को लक्ष्य दिया गया है कि हमें निर्यात बढ़ाना है और निर्यात की दृष्टि से देश के हर कोने में काम करना है। मीरजपुर भी निर्यात का हब बनने जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करने को वोकल फाॅर लोकल जरूरी।

राज्यमंत्री ने कहा कि वोकल फाॅर लोकल का मूल भाव समझने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने पूरे देश को इसका मंत्र दिया है। कोरोना काल में दुनिया की तमाम अर्थव्यवस्था बिगड़ गई और करोड़ों लोगों को घरों में कैद कर दिया। ऐसे में मांग और आपूर्ति पर भी इसका प्रभाव पड़ा। लाॅकडाउन के दौरान ग्लोबल सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई, लेकिन प्रधानमंत्री ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने का मंत्र दिया। आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करने के लिए वोकल फाॅर लोकल जरूरी है। इसके अलावा मेक इन इंडिया के साथ ही भारत के अंदर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिले, इस पर भी काम किया जा रहा है। आत्मनिर्भर के लिए हस्तशिल्प, मध्यम, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग व ग्रामोउद्योग को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। बहुत सारी चीजें हमारे देश में भी बने यानी अन्य देशों से निर्भरता कम हो, इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।

दुनिया के बाजारों में है मीरजापुर व भदोही की पहचान

राज्यमंत्री ने कहा कि मीरजापुर व भदोही की पहचान दुनिया के बाजारों में है। यहां की बेहतरीन हस्तनिर्मित कालीन, दरी दुनिया के बाजारों तक छाप छोड़ी है। चुनार के क्षेत्र में मिट्टी के पाटरी ने भी अलग पहचान बनाई है। बलुआ पत्थर के ऊपर यहां के लोग नक्काशी करते हैं, जोआ कर्षित करने वाला है। बनारस से लेकर अहरौरा तक लकड़ी के खिलौने बनाए जाते हैं। इसके अलावा वाराणसी में गुलाबी मीनाकारी व सिल्क जरदोसी का काम होता है, यानी देश के हर जिले में लोकल उत्पाद अपनी पहचान बनाए रखे हैं। इन्हें बचाने के साथ-साथ बढ़ावा देने की जरूरत है ताकि निर्यात किया जा सके।

मीरजापुर नगर के कसरहट्टी में पीतल कारोबार बहुत पुराना है जिसके निर्यात के लिए भी जोर दिया जा रहा है। चुनार में लाजिस्टिक पार्क और निर्यात सुविधा केंद्र का शिलान्यास इस कदम को धार देगा।

हर जिले में पोटेंशियल, सिर्फ बढ़ावा देने की जरूरत

राज्यमंत्री ने कहा कि देश के हर जिले के अंदर पोटेंशियल है, जहां वोकल फाॅर लोकल को बढ़ावा देना है। इसमें पूर्वांचल भी पीछे नहीं है। यहां के लोकल उत्पाद को मूल्य संवर्धित कर विदेश के बाजारों में पहुंचाना लक्ष्य है। मंत्री ने कहा कि निर्यात के क्षेत्र में पूर्वांचल में भी कमाल होना चाहिए और मीरजापुर से इसकी शुरुआत हो। यहां के किसानों, बुनकरों, पीतल उद्यमियों, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोगों को भी निर्यात से जोड़ने का लक्ष्य है।

गिरजा शंकर

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