– नगर मजिस्ट्रेट निर्माण कार्य की करेंगे मानिटरिंग
– समस्या आती है तो डीएम अथवा कमिश्नर को कराएंगे अवगत
मीरजापुर (हि.स.)। निर्माणाधीन विंध्य काॅरिडोर की गुणवत्ता को लेकर प्रशासनिक से लेकर शासन स्तर पर जांच की जाएगी। दरअसल, विंध्य काॅरिडोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट का है। ऐसे में गुणवत्ता में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए निर्माण की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी से भी जांच कराई जाएगी।

विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए 331 करोड़ की लागत से विंध्य काॅरिडोर निर्माणाधीन है। विंध्य काॅरिडोर अद्भुत और अलौकिक तो होगा ही, इसमें लगने वाले अहरौरा के गुलाबी पत्थर आभा बिखेरेंगे। यही नहीं, इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विंध्य काॅरिडोर निर्माण के लिए नामित राजकीय निर्माण निगम को अब हर सप्ताह कार्य प्रगति रिपोर्ट प्रशासन को देने के साथ गुणवत्ता का भी ख्याल रखना होगा। कार्यदायी संस्था का दावा है कि मकर संक्रांति तक विंध्यवासिनी मंदिर के चारों तरफ परिक्रमा पथ (आस्था का गलियारा) देश-दुनिया के सामने होगा। निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि निर्माण की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है। मंडलायुक्त डा. मुथुकुमार स्वामी बी. ने बताया कि समय-समय पर थर्ड पार्टी से निर्माणाधीन विंध्य काॅरिडोर के गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। फिनिशिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। वहीं नगर मजिस्ट्रेट निर्माण कार्य की माॅनिटरिंग करेंगे। यदि कोई समस्या आती है तो तत्काल जिलाधिकारी अथवा मंडलायुक्त को अवगत कराएंगे, ताकि ससमय निस्तारण कराया जा सके।
गिरजाशंकर
