वाराणसी (हि.स.)। कोतवाली थाना क्षेत्र के दारानगर के पार्षद मनोज यादव और उनके परिजनों को क्षेत्र के ही दबंग युवकों ने मंगलवार देर शाम को मारपीट कर जख्मी कर दिया। मारपीट में घायल पार्षद, उनके पिता, भाई और अधिवक्ता मित्र को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां अधिवक्ता की हालत गंभीर देख बुधवार को बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार मामला आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद का है।
अस्पताल में पार्षद मनोज यादव ने बताया कि मंगलवार की देर शाम वे अपने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान मोहल्ले का ही बादल यादव, रवि यादव 20–25 लोगों के साथ घर पर आया। भाई और पिता से विवाद के बाद राड और चापड़ से मार कर उन्हें घायल कर दिया। शोरगुल सुनकर वह घर के नीचे आया तो सभी ने उसपर भी हमला बोल दिया। डंडा और चापड़ से मार कर घायल करने के बाद दबंग भाग गये।
पार्षद ने बताया कि मारपीट में मेरे मित्र अधिवक्ता अमित द्विवेदी के सिर पर भी दबंगों ने प्रहार कर घायल कर दिया। पार्षद ने आरोप लगाया कि हमलावर अवैध असलहा और अवैध शराब बेचने का कारोबार भी करते हैं। पार्षद के भाई के अनुसार हमलावरों से होली के दिन भी झगड़ा हुआ था। हमलावर पट्टीदार है इसलिए रिपोर्ट हम लोगों ने नहीं लिखाई थी।
उल्लेखनीय है कि पार्षद को मिले सरकारी गनर को कुछ दिन पहले ही प्रशासन ने वापस ले लिया। इसके पहले भी पार्षद को मारने के लिए अपराधियों ने प्रयास किया था। वर्ष 2018 के सितम्बर माह के पहले सप्ताह में समाजवादी पार्टी की साइकिल रैली में शामिल होने के लिए पार्षद चंदौली जाने वाला था। इसकी भनक उसके विरोधियों को हुई तो उन्होंने उसे मारने के लिए बाबर गैंग के दो शूटरों को भेजा था। दोनों बदमाश पार्षद पर हमला कर पाते इसके पहले ही सटीक सूचना पर दीनदायालनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी शिवानंद मिश्र और क्राइम ब्रांच की टीम ने असलहा सहित उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में दोनों की पहचान कुशीनगर जनपद के थाना तरियासुजान के सिट्टू उर्फ नंद किशोर और कमलेश के रुप में हुई। दोनों ने पुलिस को बताया था कि देवरिया जेल में बंद बाबर गैंग का सरगना अजय यादव और रविन्द्र पटेल ने उन्हें सभासद को मारने के लिए तीन लाख की सुपारी और उसकी फोटो दी थी।
