-दशाश्मेध घाट स्थित शीतला मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा बाढ़ का पानी
-अस्सी सुबहे बनारस का मंच भी लहरों के आगोश में
वाराणसी(हि.स.)। वाराणसी में गंगा की लहरें फिर तेजी से बढ़ने लगी हैं। लहरें चेतावनी बिंदु के समीप पहुंच चुकी हैं। जिसके चलते नमोघाट, अस्सीघाट पर सुबहे बनारस का मंच,दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर की सीढ़ियों को अपने आगोश में लेकर लहरें शीतला माता मंदिर में प्रवेश कर चुकी हैं। जलस्तर में लगातार बढ़ाव से सहायक नदी वरुणा भी उफनाकर काॅरिडोर मार्ग पर आ गई है। मोक्षतीर्थ मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए अब इंतजार की नौबत आ गई है। हरिश्चंद्र घाट पर भी सीएनजी शवदाह गृह के नजदीक पानी पहुंच गया है। परंपरागत स्थानों में पानी में समा जाने से गलियों में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार पूर्वांह 10 बजे तक गंगा का जलस्तर 68.72 मीटर ,दोपहर 12 बजे 68.84 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, खतरे का निशान 71.262 मीटर है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार जलस्तर में बढ़ाव का रुख बना हुआ है। लगभग 06 सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। जिले में वर्ष 1978 में आई बाढ़ को लोग आज जब नही भूले हैं। तब गंगा का जलस्तर 73.901 मीटर पहुंच गया था। शहर के व्यस्ततम क्षेत्र बेनियाबाग गोदौलिया इलाके में नाव चल रही थी। वरुणा का पानी जीटी रोड को अपने आगोश में लेकर सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान को डुबोते हुए परिसर के करीब पहुंच गई थी। तेलियाबाग,अंधरापुल का इलाका जलमग्न हो गया था। वर्ष 2021 में भी गंगा की लहरें खतरे के निशान को पार करते हुए 72.320 मीटर पर पहुंच गई थी। फिलहाल इस बार भी संभावना जताई जा रही है कि बढ़ाव की यही गति रही तो बाढ़ का पानी अगले 35-40 घंटों में बस्तियों और काॅलोनियों में प्रवेश कर जायेगा। गंगाघाटों का सम्पर्क मार्ग पहले ही पानी में डूब चुका है। प्रयागराज जिले में गंगा में बढ़ाव से मीरजापुर और भदोही जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। इससे सहायक नदी वरूणा में पलट प्रवाह होने लगा है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का असर गंगा में भी दिखने लगा है। वरुणा नदी के जलस्तर में वृद्धि देख किनारे तटवर्ती क्षेत्र के लोग भी कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी में जुट गये हैं।

जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सतर्क कर दिया है। बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 0542.2508550 जारी करते हुए डीएम ने आदेश दिया है बाढ़ से बचाव में तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी अपनी-अपनी तैयारी समय पूर्व पूरा कर लें। जिले के ग्रामीण अंचल के तटवर्ती क्षेत्र में 40 बाढ़ राहत शिविर बनाने के साथ सक्रिय किया गया है। सदर तहसील में 33 पिंडरा में 3 और राजातालाब में 4 शिविर बनाये गए हैं।
श्रीधर
