हनुमान जयंती पर छोटे-बड़े हनुमत मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए उमड़ी भीड़
वाराणसी (हि.स.)। धर्म नगरी काशी में रविवार को नरक चतुर्दशी और छोटी दीपावली के साथ हनुमान जयंती भी उत्साहपूर्ण माहौल में मन रही है। अलसुबह लोगों ने स्नान- ध्यान के बाद हनुमत मंदिरों में दर्शन पूजन किया। श्री संकट मोचन मंदिर में सर्वाधिक भीड़ दिखी। अर्दली बाजार स्थित महावीर मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए उमड़ते रहे।
सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले मुकेश जायसवाल, संरक्षक विजय कपूर, उपाध्यक्ष अनिल केसरी, सेवक सुमित सर्राफ के नेतृत्व में मैदागिन के भारतेंदु पार्क में स्थित मंनसापूरन हनुमान का जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिर के सेवईत् आनंद कुमार ने मंदिर परिसर एव मनसापूरन हनुमान जी को सुगंधित फूल और माला से सजाया। इसके पहले मनसापूरन हनुमान जी को सिंदूर लेपन किया गया। इसके बाद फूल मालाओं से श्रृंगार किया गया। हनुमान जी की भव्य आरती के साथ भक्ति भाव में डूबी महिलाओं ने सुंदर कांड का पाठ किया। शाम को नरक चतुर्दशी मनाई जायेगी।
सनातन धर्म में मान्यता है कि नरक चतुर्दशी के दिन यमदेव की पूजा करने अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है। साथ ही सभी पापों का नाश होता है, इसलिए शाम के समय यमदेव की पूजा के साथ घर के दरवाजे के दोनों तरफ दीप जलाये जाते है।
कथा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन नरकासुर राक्षस का वध करके देवताओं और ऋषियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलवाई थी। नरकासुर के बंदी गृह में 16 हजार से ज्यादा महिलाएं कैद थीं, जिन्हें भगवान कृष्ण ने आजाद कराया था। तब से छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के तौर पर मनाया जाता है।
दीपावली पर्व सोमवार को मनाया जायेगा। शाम को प्रदोषकाल, स्थिरलग्न एवं निशीथ काल में महालक्ष्मी और भगवान गणेश के आराधना के बाद व्यापारी अपने बहिखाते का भी पूजन अर्चन करेंगे। इसके पहले शनिवार शाम धनतेरस पर घर-घर दीप जलाए गए। अकाल मृत्यु से छुटकारा पाने के लिए यम के निमित्त दीप दान किया गया। इसके साथ ही भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा हुई।
श्रीधर
