वाराणसी (हि.स.)। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि वाराणसी मंडल में 15 कृषि कल्याण केंद्र की स्थापना होगी। कुल 350 करोड़ की लागत से इन केन्द्रों का निर्माण होगा। इससे वाराणसी मंडल के किसानों को बड़ा फायदा होगा। केन्द्र में एक ही जगह पर किसानों को प्रशिक्षण और संगोष्ठी करने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। केन्द्र के स्थापना का मुख्य उद्देश्य एक छत के नीचे बीज, उर्वरक और उन्नत कृषि की टिप्स और प्रशिक्षण किसानों को उपलब्ध करवाना है।
कृषि मंत्री बुधवार को सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने बताया कि वाराणसी में पांच, चंदौली में तीन, गाजीपुर में पांच और जौनपुर में पांच कृषि कल्याण केंद्रों के निर्माण कराए जा रहे हैं। जिसमें वाराणसी के चांदपुर और जंसा में निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बड़ागांव का भी कार्य अंतिम चरण में है। वहीं सेवापुरी और चोलापुर में भी केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में महज 4 साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 214 लाख 56 हजार मीट्रिक धन धान की खरीद की। भाजपा सरकार ने किसानों को 37,825 करोड़ 66 लाख रुपए का भुगतान किया है। अभी 2021-22 की धान खरीद का काम बाकी है। भाजपा सरकार में उत्पादन के साथ ही राज्य की उत्पादकता भी बढ़ी है।
कृषि कानूनों का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया
कृषि मंत्री ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। यदि उनके पास मुद्दा रहता तो वे संसद में बहस के माध्यम से रखते। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वाराणसी, चंदौली या आसपास के किसी अन्य जिले में कहीं कोई प्रदर्शन हो रहा है, तो बतायें। प्रदेश के बॉर्डर पर कुछ लोग बैठ कर गलत तथ्य के आधार पर देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। केन्द्र सरकार ने 11 बार उन्हें समस्या के समाधान केे लिए बातचीत का अवसर दिया। सरकार ने बार-बार पूछा कि बिल में क्या कमियां हैं, हम उन्हें दूर करने को तैयार हैं। मगर, विपक्ष या किसान कमियां नहीं बता पा रहे हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि विपक्ष और आन्दोलन करने वाले कृषि कानूनों पर कोई चर्चा या बहस भी नहीं चाहते हैं। इससे स्पष्ट है कि ये लोग किसानों के हितैषी नहीं है। कृषि मंत्री ने प्रदेश की पिछली सपा—बसपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने 10 साल में किसानोें के हित में कोई कार्य नहीं किया। भाजपा परिवारवाद, जातिवाद और संप्रदायवाद से हट कर सबका साथ और सबका विकास की भावना से सिर्फ जनता की सेवा कर रही है। इसमें सबका विश्वास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जुड़ा है।
