वाराणसी (हि.स.)। रंगभरी एकादशी से ही काशी होलीमय हो चुकी है। गुरुवार को गंगा घाटों पर होली की मस्ती में फाग गीतों के साथ युवाओं ने थिरकते हुए अबीर गुलाल के बारिश के बीच महफिल सजाई।
दशाश्वमेध घाट पर श्री काशी 1485 विद्वत परिषद की ओर से आयोजित फागुन उत्सव में कलाकारों ने फाग गीत संगीत की प्रस्तुति की। इस अवसर पर गीतों में वैश्विक महामारी कोरोना के बचाव की कामना हुई तो वहीं, बंगाल चुनाव पर कलाकारों ने जमकर चुटकी ली।
घाट पर मौजूद लोगों ने भंग के तरंग में होली गीतों पर जमकर मस्ती की। संस्था के अध्यक्ष अनूप जायसवाल ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन दशाश्वमेध घाट पर फागुन उत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर कलाकारों ने गीत संगीत की प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया।
