वाराणसी (हि.स.)। सावन माह के अधिकमास के दूसरे दिन बुधवार को तुलसीघाट पर गंगा के मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधि विधान से पूजन अर्चन कर ज्ञानवापी की मुक्ति की कामना की गई। समाजसेवी रामयश मिश्र ने ज्ञानवापी की मुक्ति की कामना महादेव से की। उन्होंने बताया कि विगत कई वर्षों से गंगा तट पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर ज्ञानवापी की मुक्ति के लिए पूजन अर्चन कर रहे है। पार्थिव शिवलिंग गंगा तट पर बनाकर देश, समाज और सबके खुशहाली की कामना के लिए पूजन अर्चन करते है। बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना करते है कि वह ज्ञानवापी को जल्द से जल्द मुक्त कराएं। जिससे पूरे देश के शिवभक्त ज्ञानवापी में विराजमान आदि विशेशर का दर्शन पूजन कर सके। ज्ञानवापी भगवान शंकर की पवित्र स्थली है और उसमें दर्शन पूजन करने का सनातनियों को अधिकार है और यह हमारे सनातन संस्कृति की पहचान और प्रतीक है।
श्रीधर/बृजनंदन
