मेहमानों का स्वागत शहनाई की धुन और धोबिया लोक नृत्य से, शाम को देखेंगे गंगा आरती
वाराणसी(हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 जनवरी को वर्चुअल अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ को हरी झंडी दिखाकर डिब्रूगढ़ के लिए रवाना करेंगे। इस लक्जरी क्रूज से डिब्रूगढ़ जाने वाले 33 मेहमान स्विस पर्यटकों का जत्था मंगलवार को बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अन्तर राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचा। एयरपोर्ट पर पर्यटकों का स्वागत शहनाई की धुन और धोबिया लोक नृत्य से किया गया।
बाबतपुर से पर्यटकों को लग्जरी वाहन से रामनगर राल्हुपुर स्थित बंदरगाह पर ले जाया गया। रामनगर में क्रूज पर सवार होने के बाद पर्यटकों ने रामनगर किले का भ्रमण किया। इसके बाद नौका विहार करते हुए गंगा आरती भी दखेंगे। गंगा आरती देखने के बाद वापस क्रूज पर आएंगे और रात्रि विश्राम पर्यटक गंगा बिलास क्रूज पर ही करेगें।
पर्यटन विभाग के अफसरों के अनुसार 11 जनवरी को स्विस पर्यटक चुनार किले का भ्रमण करने जाएंगे। यहां से मिर्जापुर स्थित घंटाघर जाएंगे। 12 जनवरी को इन पर्यटकों के लिए रविदास घाट पर सांस्कृतिक आयोजन होंगे। पर्यटकों के ग्रुप में 32 पर्यटक और एक जर्मन गाइड शामिल हैं। पर्यटकों का दल दिल्ली से एयर इंडिया के विमान से वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचा। बताते चले लक्जरी क्रूज भारत और बांग्लादेश के 5 राज्यों में 27 नदी प्रणालियों में 3,200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा। विश्व विरासत स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, नदी घाटों, और बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका और असम में गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों से गुजरते हुए क्रूज 51 दिनों में अपना सफर तय करेगा। एमवी गंगा विलास क्रूज 62 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा है। इसमें तीन डेक हैं और 36 पर्यटकों की क्षमता वाले 18 सुइट्स हैं, जिनमें पर्यटकों के लिए शानदार यादगार अनुभव के लिए सभी सुविधा उपलब्ध है।
श्रीधर
