– बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना जुलूस नहीं निकलेंगे
वाराणसी (हि.स.)। जिला मजिस्ट्रेट व जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बुधवार से जिले के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में धारा-144 निषेधाज्ञा लागू कर दिया है। जो आगामी 26 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगा। जिलाधिकारी के अनुसार त्यौहारों और नई दिल्ली, उप्र लोक सेवा आयोग, प्रयागराज, परीक्षा नियामक आयोग, प्रयागराज एवं अधीनस्थ्य सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं को देखते हुए ये निर्णय लिया गया।
इन अवसरों पर विभिन्न धार्मिक, राजनीतिक, सामाजित संगठनों द्वारा अपने-अपने कार्यक्रम प्रस्तावित किये जा सकते हैं। इस अवसर पर कतिपय अराजक तत्वों द्वारा अपनी गतिविधियों से जन सुरक्षा, शांति व्यवस्था एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को प्रभावित किए जाने के प्रयास की सम्भावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
बताया कि जनपद के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा, क्रिसमस आदि त्यौहार परम्परागत रूप से मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि निषेधाज्ञा की अवधि में कोई भी व्यक्ति, भवन स्वामी अपने भवन में स्थायी, अस्थायी रूप से किरायेदार रखने से पूर्व उसकी लिखित सूचना सम्बन्धित मजिस्ट्रेट, थाना प्रभारी को लिखित रूप से प्राप्त करायेगा तथा सूचना सम्बन्धित मजिस्ट्रेट, थाना प्रभारी को लिखित सूचना प्राप्त कराने के उपरान्त अपने भवन में किरायेदार को प्रवेश प्रदान करेगा।
कहा कि मजिस्ट्रेट व थाना प्रभारी को प्राप्त कराने वाली सूचना में सम्बन्धित भवन स्वामी का पूर्ण विवरण यथा नाम, पिता का नाम, मकान नम्बर व व्यवसाय सहित पूर्ण पता एवं किरायेदारी आरम्भ होने की तिथि व किस तिथि तक के लिए किरायेदार रखा जा रहा है, आदि का विवरण अंकित करने के साथ ही किरायेदार का भी पूर्ण विवरण यथा नाम व पिता का नाम तथा पूरा पता एवं व्यवसाय आदि का उल्लेख किया जाना आवश्यक होगा।
निषेधाज्ञा अवधि में कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र -बम-भाला-तलवार-भुजाली-लाठी-डंडा, चाकू लेकर नहीं चलेगा और न ही किसी ऐसे अस्त्र-शस्त्र लेकर चलेगा, जिसका की उपयोग आक्रमण के लिए किया जाय। अस्त्र-शस्त्र का सार्वजनिक रुप से प्रदर्शन भी प्रतिबन्धित किया गया है। सिख एवं गोरखा जाति के लोगों, जो प्रथा के अनुसार मात्र खुखरी रखने के हकदार हैं, पर यह प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा। शासकीय ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, कर्मचारी जिनके लिए ड्यूटी पर शस्त्र रखना शासन द्वारा अनुमन्य है, पर मात्र शासकीय कार्य अवधि, ड्यूटी तक के लिए ही यह प्रतिबन्ध शिथिल होगा। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना जुलूस आदि आयोजित होंगे। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के हैण्ड बिल व पर्चा, प्रकाशित नहीं करेगा और न ही हैण्ड बिल व पोस्टर व पर्चा दिवाल पर किसी भी स्थान पर चस्पा नहीं किये जायेंगे, और न ही जन- जीवन व शांति व्यवस्था प्रभावित करने के लिए इसका उपयोग करेगा। जुलूस-धरना आयोजन से पूर्व जिला मजिस्ट्रेट अथवा सम्बन्धित मजिस्ट्रेट से शासनादेशानुसार अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। सार्वजनिक स्थल पर मादक पदार्थो आदि का सेवन पर मनाही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। सभी व्यक्तियों द्वारा मास्क,फेस कवर का प्रयोग किया जायेगा।
